फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Chintan Shivir: Special team to be formed for health services in high Himalayan regions

उत्तराखंड@25 चिंतन शिविर: उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बनेगी स्पेशल टीम

Wed, 23 Nov 2022 11:20 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 23 Nov 2022 11:20 PM IST
सार

चिंतन शिविर के दूसरे दिन सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्वास्थ्य सेवाओं का प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और नर्सों के बीच विसंगतियां हैं। उन्हें दूर करने की आवश्यकता है।

विज्ञापन
Uttarakhand Chintan Shivir: Special team to be formed for health services in high Himalayan regions
मसूरी में चिंतन शिविर - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

चारधाम यात्रा के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी कारणों से होने वाले वाली मौतों को कम करने के लिए सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टॉफ की एक स्पेशल टीम बनाई जाएगी, जो यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराएगी।

विज्ञापन


उत्तराखंड@25: चिंतन शिविर में अचानक पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी, सबसे पीछे बैठकर सुने अफसरों के विचार
विज्ञापन


बुधवार को चिंतन शिविर के दूसरे दिन सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्वास्थ्य सेवाओं का प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और नर्सों के बीच विसंगतियां हैं। उन्हें दूर करने की आवश्यकता है। प्रदेश में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कमी है। इसे दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश भर में डॉक्टरों के 2856 पद स्वीकृत हैं। इसमें संविदा और बांडधारी डॉक्टरों को मिलाकर 2512 डॉक्टर कार्यरत हैं। 344 पद खाली पड़े हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


 विभाग की ओर से विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए अधिक वेतन देने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल को अपनाया गया है। इससे मानव संसाधन को बढ़ाया जा सकेगा। विभाग में मानव संसाधन प्रबंधन के लिहाज से अभी कोई प्रभावी तबादला नीति नहीं है। इस कारण कहीं ज्यादा और कहीं कम डॉक्टरों की समस्या आ रही है। पीपीपी मॉडल से भर्ती करने से इस समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।  

स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सिस्टम बनाया जा रहा है। इसमें ऐसी टीम होगी, जिससे यात्रा के दौरान मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलेगी। चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में निजी सेक्टर को आकर्षित करने की जरूरत है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed