उत्तराखंड बजट सत्र का दूसरा दिन: 12 विधेयक बने अधिनियम, सवालों पर निरूत्तर दिखे सरकार के मंत्री, प्रश्नकाल में उठे ये मुद्दे
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विधानसभा सत्र के दूसरे 12 विधेयक कानून बन गए हैं। सदन ने विधेयकों को अधिनियम घोषित किया है। इसके अलावा दो विधेयक और पांच वार्षिक रिपोर्ट सदन पटल पर रखे गए।
ये विधेयक बने कानून
-उत्तराखंड विनियोग (वर्ष 2020-21 का प्रथम अनुपूरक) विधेयक 2020।
-उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (संशोधन) विधेयक 2020
-उत्तराखंड लोक सेवा (आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण) संशोधन विधेयक।
-उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश भू राजस्व अधिनियम) संशोधन विधेयक 2020
-उत्तराखंड शहीद आश्रित अनुग्रह अनुदान विधेयक 2020
-हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक
-यूनिवर्सिटी आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी रुड़की विधेयक 2020
दो विधेयक किए पेश
ससंदीय कार्य मंत्री मदन कौशिक ने सदन पर दो अध्यादेश पेश किए हैं। इसमें उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम) संशोधन विधेयक, उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम संशोधन विधेयक सदन पटल पर रखे गए।
पांच आयोग व निगमों की वार्षिक रिपोर्ट पेश
-उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड की वित्तीय वर्ष 2015 से 2018-19 की वार्षिक रिपोर्ट
-पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन आफ उत्तराखंड लिमिटेड की 2015 से 2018-19 की वार्षिक रिपोर्ट
-उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट
-उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग की 2019-20 की वार्षिक प्रतिवेदन रिपोर्ट
-उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड की 201-19 की वार्षिक लेखा रिपोर्ट
सवालों पर निरूत्तर नजर आए सरकार के मंत्री
भराड़ीसैंण में चल रहे बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में प्रश्न काल के दौरान सरकार के मंत्रियों का कमजोर होमवर्क दिखा। सत्ता और विपक्ष के विधायकों को पूछे गए सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिला। योजनाओं के स्वीकृत बजट राशि और खर्च की गई राशि का ब्योरा देने की मांग पर मंत्री ने आंकड़े उपलब्ध कराने की बात कही।
मंगलवार को प्रश्न काल के दौरान विपक्ष के साथ ही सरकार के विधायकों ने भी कई सवाल उठाए। विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश, प्रीतम सिंह, काजी निजामुद्दीन, राजकुमार, प्रीतम सिंह पंवार और सत्ता पक्ष के विधायक भरत सिंह चौधरी, कुंवर प्रणव चैंपियन, महेंद्र भट्ट, विनोद चमोली, गणेश जोशी, खजान दास समेत अन्य विधायकों ने भी सवाल उठाए।
प्रीतम सिंह ने कहा कि मंत्रियों से जो सवाल पूछा गया है उसका सही जवाब नहीं मिल रहा है। योजनाओं के लिए जारी कुल राशि भी नहीं बताई जा रही है। सत्ता और विपक्ष के विधायकों ने सवालों पर मंत्रियों को घेरने का प्रयास किया है।
प्रश्न काल में उठे ये सवाल
प्रदेश के 13 जिलों में बनेगा पर्यावरणीय प्लान
प्रदेश में जल, वायु प्रदूषण और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रदेश के सभी 13 जिलों में पर्यावरणीय प्लान बनाया जाएगा। अप्रैल 2021 तक इस योजना का खाका तैयार कर लिया जाएगा। प्रश्नकाल के दौरान वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने सदन को यह जानकारी दी।
कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने प्रदेश में प्राकृतिक आपदा बाढ़, भूस्खलन, ग्लेशियर टूटने की घटना को देखते हुए राज्य की पर्यावरण नीति बनाए जाने का सवाल प्रश्नकाल में उठाया। इसके जवाब में वन मंत्री ने कहा कि केंद्र की जल प्रदूषण निवारण नियंत्रण अधिनियम 1974, वायु प्रदूषण निवारण अधिनियम 1986 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड काम कर रहा है। जल, वायु और पर्यावरण संरक्षण के लिए जिला स्तर पर सिस्टम तैयार किया जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक जिला में पर्यावरणीय प्लान बनाया जा रहा है। अप्रैल 2021 तक इसका खाका तैयार हो जाएगा।
वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण संस्थान कोसी के माध्यम से 50 करोड़ की वायु गुणवत्ता प्रबंधन योजना बनाई जा रही है। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से नदियों, झीलों और भूगर्भ जल की गुणवत्ता पर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के छह शहरों के आठ स्थानों पर वायु गुणवत्ता की जांच की जा रही है। भाजपा विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन ने सवाल किया कि लंढौर क्षेत्र में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। सल्फर डाई ऑक्साइड से लोगों को टीबी की बीमारी हो रही है। इसे रोकने के लिए सरकार की ओर से क्या प्रयास किए जा रहे हैं। वन मंत्री की ओर से संतुष्ट जवाब नहीं मिला।
विवाह अनुदान के लिए बढ़ेगी वार्षिक आय सीमा
अनुसूचित जाति, जनजाति और विधवा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाओं की बेटियों की शादी के लिए सरकार की ओर से दी जाने वाली अनुदान राशि पाने के लिए वार्षिक आय सीमा बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है। यह जानकारी समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य ने सदन में यह जानकारी दी।
प्रश्न काल में विधायक गणेश जोशी के सवाल के जवाब में समाज कल्याण मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि सरकार की ओर से एससी-एसटी व विधवा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाओं को बेटियों की शादी के लिए 50 हजार रुपये की राशि दी जा रही है। अनुदान राशि के लिए वर्तमान में 1250 रुपये वार्षिक आय का प्रमाण पत्र होना चाहिए। इस वार्षिक आय की सीमा को बढ़ाने के लिए प्रक्रिया चल रही है।
प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए विधायक निधि में 25 लाख की व्यवस्था
प्रदेश में प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए सरकार ने विधायक निधि योजना से 25 लाख रुपये की राशि देने की व्यवस्था की है। इसके लिए सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र में मंदिरों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के लिए विधायक निधि से राशि उपलब्ध कराई गई है।
विधानसभा सत्र के दूसरे दिन प्रश्न काल में विधायक देशराज कर्णवाल की ओर से सदन में उठाए गए सवाल के जवाब में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज सतपाल महाराज ने सवालों का जवाब दिया। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि संस्कृति विभाग ने पुरातत्व महत्व के 71 स्मारक व मंदिरों को संरक्षित घोषित किया है। वर्ष 2017 से वर्तमान तक 13 स्मारकों के संरक्षण का कार्य पूरा किया गया।
मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए मुख्यमंत्री की 32 घोषणाओं में 24 मंदिरों के जीर्णोद्धार कार्य के लिए धनराशि स्वीकृत की गई। इसमें आठ मंदिरों के जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है। कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृत कुल बजट और खर्च की गई राशि का ब्योरा मांगा। इस पर महाराज एक-एक मंदिर के स्वीकृत राशि से सदन को अवगत कराया।