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उत्तराखंड बजट सत्र: महंगाई पर गरमाया सदन, कोरोना पर विपक्ष का वार, किया वॉकआउट

Fri, 06 Mar 2020 08:31 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भराड़ीसैंण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भराड़ीसैंण Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 06 Mar 2020 08:31 PM IST
सार

  • संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा सात राज्यों की तुलना में उत्तराखंड में महंगाई कम 

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Uttarakhand budget session 2020: Congress walkout after decision on Coronavirus and Inflation
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड बजट सत्र के चौथे दिन जहां सदन से बाहर का मौसम सर्द था। वहीं विपक्ष ने सदन के अंदर महंगाई का मुद्दा गरमाया। वहीं, विपक्ष ने कोरोना वायरस के संक्रमण का मामला भी उठाया। सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

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नियम 58 के तहत हुई चर्चा में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि प्रदेश महंगाई की चपेट में है। सरकार ने रसोई गैस, बसों का किराया, डेयरी उत्पाद, बिजली की दरों में बढ़ोतरी की है। मूल्य नियंत्रण पर सरकार का कोई अंकुश नहीं है। सरकार चाहे तो पीडीएस के जरिए प्याज, दाल सहित अन्य भोजन की सामग्री दे सकती है। विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने 100 दिन में महंगाई से निजात दिलाने का वायदा किया था। 
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कांग्रेस सरकार के समय लोगों को सस्ता राशन उपलब्ध कराने के लिए राज्य खाद्य योजना शुरू की थी। सत्ता में आते ही वर्तमान सरकार ने शराब सस्ती और पीडीएस का राशन महंगा कर दिया। जागेश्वर विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि सरकार ने बसों का किराया, अस्पतालों में पंजीकरण शुल्क बढ़ा दिया। करन माहरा, ममता राकेश, हरीश धामी ने भी महंगाई पर सरकार को घेरा।
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संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा कि विपक्ष ने आर्थिक सर्वे को ही देख लिया होता, तो उन्हें यह प्रस्ताव लाना नहीं पड़ता। राज्य की जीडीपी, प्रति व्यक्ति आय में इजाफा हुआ है। जयपुर, भोपाल, छत्तीसगढ़, मुंबई आदि की तुलना में उत्तराखंड में चावल और दालों के रेट कम है। प्रदेश में महंगाई नियंत्रण में है। सरकार को हर व्यक्ति की चिंता है। संसदीय कार्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से बाहर निकल गया।

सदन में उठा कोरोना वायरस संक्रमण का मामला

मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन ने यह मामला उठाया तो सरकार ने कहा कि प्रदेश में अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है। काजी ने कहा कि चीन के औद्योगिक क्षेत्रों में कोरोना वायरस का संक्रमण अधिक है। इन क्षेत्रों से उद्यमियों का आना जाना भारत में काफी अधिक होता है। इस हिसाब से उत्तराखंड भी संवेदनशील है।

प्रदेश सरकार को चाहिए कि कोरोना संक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक करे। संक्रमण को रोकने के लिए सर्जिकल मास्क आदि की पर्याप्त व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए। संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने बताया कि पांच मार्च तक प्रदेश में बाहर से आने वाले करीब 20 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की गई है और एक भी मामला संक्रमण का सामना नहीं आया है।

किसी भी तरह के संक्रमण से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है। विदेशों से आने वाले लोगों की जानकारी केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को दी जा रही है। अब तक 457 विदेशी उत्तराखंड आए हैं और कोई भी संक्रमित नहीं पाया गया। नौ सैंपलों की जांच की गई थी जिसमें आठ नेगेटिव पाए गए और एक मामले में निगरानी रखी जा रही है। हर जिले में अस्पतालों के आईसीयू में 241 बैड की व्यवस्था की गई है। 

13 डेस्टीनेशन विकास योजना में शामिल है केदारकांठा 

पुरोला विधायक राजकुमार ने कहा कि केदारकांठा को पर्यटक स्थल घोषित कर इसके ट्रेकिंग रूट को विकसित किया जाए। संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा कि प्रदेश के 13 ट्रेकिंग डेस्टीनेशन के तहत केदारकांठा सहित अन्य स्थलों को विकसित किया जा रहा है।

प्रदेश सरकार की ओर से पिछले तीन सालों में केदारकांठा के विकास के लिए पैसा भी दिया गया है। विधायक राजकुमार का कहना था कि उत्तरकाशी के पुरोला से केदारकांठा की दूरी 74 किलोमीटर है। खरसाड़ी से यह स्थल 49 किलोमीटर दूर है। सरकार इन दोनों स्थलों का विकास करती है तो 22 गांवों के लोगों को फायदा होगा। 

तराई में मौसम से फसल के नुकसान की जांच का आदेश
सदन में संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने बताया कि तराई में मौसम के कारण फसल नुकसान से प्रभावित किसानों की जानकारी जुटाने का आदेश डीएम यूसी नगर को दिया गया है। मौसम से प्रभावित किसानों को मानक के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। जिन किसानों की फसल मानक में नहीं आ रही है, उनके लिए इस जांच के आदेश दिए गए हैं। यह मामला विधायक आदेश चौहान ने उठाया था। विधायक चौहान का कहना था कि बारिश के कारण तराई के कई किसानों की मटर सहित अन्य फसलों का नुकसान उठाना पड़ा है। कई किसान नुकसान भरपाई के मानक में नहीं आ रहे हैं।

आठ हजार करोड़ रुपये का पूंजी निवेश जमीन पर उतारा
राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद के प्रस्ताव पर पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर खींचतान हुई। संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने सरकार की तरफ से मोर्चा संभाला और विपक्ष को विकास न करने के आरोप पर बहस की चुनौती दे डाली। विपक्ष ने भी अभिभाषण को सच से परे करार दिया। तानोें, आरोप-प्रत्यारोप, नसीहत के बीच हुई चर्चा के बाद सदन में बहुमत के आधार पर राज्यपाल के अभिभाषण का धन्यवाद प्रस्ताव पारित हुआ।

धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने के उठ खड़े हुए संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में प्रदेश का औद्योगिक विकास ठप हो गया था। पिछले तीन सालों में करीब आठ हजार करोड़ रुपये का पूंजी निवेश धरातल पर उतर चुका है। किसानों की आय दोगुनी करने का भाजपा का संकल्प है। इस पर धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं। भराड़ीसैंण के लिए 4.81 करोड़ रुपये की पेयजल योजना को भी पूरा किया जाएगा।

मदन कौशिक ने पिछले तीन साल की सरकार की उपलब्धियां को गिनाया। रुद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण से यह साफ जाहिर है कि सरकार विकास के लिए काम कर रही है। रुद्रप्रयाग में सैनिक स्कूल निर्माणाधीन है। इस स्कूल को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। इससे पहले राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में आदेश चौहान, करन माहरा, बिशन सिंह चुफाल, चंदन राम दास, महेश नेगी, हरीश धामी, देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी आदि ने चर्चा में भाग लिया।

सरकार वही बोले, जिस काम को कर सकती हो

सदन में सरकार वहीं बोले जो वह कर सकती हो। यह बात पूर्व सीएम स्व. नारायण दत्त तिवारी भी कहा करते थे। सरकार ने ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित की लेकिन बजट में इसकी व्यवस्था नहीं की। विधानभवन के लिए ही बजट नहीं है। बिना बजट के काम नहीं हो सकता। आईएसबीटी हल्द्वानी की जमीन निरस्त की। नई जमीन से 300 बसों का संचालन हो ही नहीं सकता। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि बजट में आईएसबीटी हल्द्वानी के लिए कोई व्यवस्था की ही नहीं गई।

विधानसभा में तैनातियों को लेकर हंगामा
पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल के समय हुई तैनातियों को लेकर हंगामा हो गया। विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान की ओर सदन मेें साफ कहा कि तैनाती में धांधली हुई। इस पर विपक्ष भड़क गया। पीठ पर मौजूद उपसभापति रघुनाथ सिंह चौहान तक सीट पर खड़े होकर सदस्यों को शांत होने को कहते हुए देखे गए। संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने किसी तरह से इस मामले को संभाला।

एनडी तिवारी ने काम कराया
 मदन कौशिक ने कहा कि राज्य गठन के बाद पहली निर्वाचित कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने खूब काम कराया। उस समय विपक्ष में रही भाजपा ने भी एनडी का खूब साथ दिया। एनडी की वजह से ही उस समय प्रदेश में औद्योगिकीकरण हुआ। कांग्रेस को तो यह बताना चाहिए कि तत्कालीन पीएम अटल बिहारी के समय घोषित औद्योगिक पैकेज को केंद्र की कांग्रेस सरकार ने 2010 में क्यों खत्म किया।

ग्रीष्मकालीन राजधानी का मुद्दा फिर उठा
शुक्रवार को भी अभिभाषण पर चर्चा आखिरकार गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने की ओर मुड़ ही गई। कांग्रेस के जागेश्वर विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि भाजपा को कांग्रेस का धन्यवाद करना चाहिए कि उनसे भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन की नींव रखी। विधानसभा भवन निर्माण में जितना पैसा खर्च हुआ वह कांग्रेस सरकार ने स्वीकृत किया था। इस पर संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा कि वर्तमान सरकार ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया है। विपक्ष को सत्ता पक्ष का धन्यवाद अदा करना चाहिए था। विपक्ष अब आगे आने वाले समय में इस सच को स्वीकार करेगा कि भाजपा सरकार ने एक ऐतिहासिक काम किया है।

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