उत्तराखंडः वापसी के लिए भाजपा का ये होगा प्लान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा की जीत के बाद लगातार हुई हार पर अब न तो भाजपा आंसू बहाएगी और न एक-दूसरे को कोसेगी। ऐसा ही फरमान राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से प्रदेश भाजपा को मिला है। रुद्रपुर में होने वाली तीन दिवसीय कार्यसमिति की बैठक का फोकस रचनात्मक और आंदोलनात्मक पहलुओं के इर्द-गिर्द होगा।
बैठक में पेश होने वाला राजनीतिक प्रस्ताव एक बार फिर आपदा की बदइंतजामी पर केंद्रित होगा। वहीं सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर भाजपा जमीनी आंदोलन छेड़ने की रणनीति बनाएगी।
शनिवार से रामपुर-दिल्ली हाईवे के होटल में होने वाली बैठक में केंद्रीय नेतृत्व की ओर से महामंत्री संगठन रामलाल मौजूद होंगे। प्रदेश प्रभारी एवं केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह व्यस्त होने की वजह से बैठक में नहीं पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम की रूपरेखा कुछ इस तरह से रखी गई है कि जो बड़े नेता जो अलग-थलग दिखते थे एक साथ रहें ताकि गुटबाजी का मैसेज न जाए।
राज्य सरकार को घेरने की बनेगी रणनीति
बताया जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व से स्पष्ट तौर पर कहा गया कि बैठक में भविष्य के कार्यक्रमों पर पूरा फोकस रखा जाए। संगठनात्मक ढांचे की मजबूती के साथ ऐसे रचनात्मक बिंदुओं पर चर्चा की जाए, जिससे प्रदेश के लोगों के बीच भाजपा की छवि अलग दिखे।
कार्यसमिति में होने वाली चर्चा और लिए जाने वाले फैसलों की जानकारी केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी।
बैठक में पिछले साल की आपदा के साथ इस बार फिर भी मानसून के महीनों में लोगों के खाने पीने के इंतजाम और बेघर हुए लोगों का मामला अहम रहेगा। भाजपा प्रदेश सरकार को बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर भी घेरना चाहती है।
इसके लिए मंडल व जिलों में भाजपा आक्रामक आंदोलन चलाकर लोगों को इसमें शामिल करेगी।
बैठक की तैयारियां पूरी हैं। पार्टी संगठनात्मक बिंदुओं के साथ प्रदेश सरकार की नीतियों और नकारेपन पर आंदोलन की रणनीति तय करेगी। बैठक में सभी सांसद, विधायक, जिला अध्यक्ष और महामंत्रियों को बुलाया गया है।
-तीरथ सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष