फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Assembly winter session 2020: fourth day of session

Uttarakhand Assembly Winter Session: अनुपूरक बजट सहित छह विधेयक पास, शीतकालीन सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

Fri, 25 Dec 2020 12:14 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 25 Dec 2020 12:14 AM IST
विज्ञापन
Uttarakhand Assembly winter session 2020: fourth day of session

उत्तराखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज  समापन हो गया। सदन चार दिन में नौ घंटे चला। इसके बाद सदन अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गया। शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट सहित छह विधेयक पास हुए। सुबह करीब 11 बजे विधानसभा सत्र कार्यवाही की शुरू हुई। हरिद्वार में दरिंदगी की शिकार मासूम बच्ची की घटना पर चर्चा हुई। विपक्ष ने 310 के तहत मामला उठाया। 58 के तहत चर्चा शुरू हुई। 

विज्ञापन


वहीं, सदन में विपक्ष ने महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की। महंगाई पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉकआउट किया।  विपक्ष ने काम रोको प्रस्ताव के तहत सदन में महंगाई का मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि सरकार महंगाई पर अंकुश लगाने में पूरी तरह से विफल साबित हुई है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के अनुसार प्रदेश में महंगाई चरम पर है। आलू, प्याज, टमाटर आम लोगों की पहुंच से बाहर हो रहा है।
विज्ञापन


वहीं, गैस सिलिंडर की कीमतों में 100 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई। कोविड महामारी के कारण लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है। ऐसे में महंगाई की मार से घर चलाना मुश्किल हो रहा है। सरकार ने महंगाई से निजात दिलाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई। प्रदेश में कहीं भी थोक रेट के स्टॉल नहीं लगाए गए। विधायक प्रीतम सिंह ने प्रदेश में गरीब आदमी की पहुंच से सब्जी व दालें बाहर हो गई है। सरकार को महंगाई नजर नहीं आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विपक्ष के सवालों के जवाब में संसदीय कार्य मंत्री मदन सिंह कौशिक ने कहा कि प्रदेश में महंगाई को नियंत्रित करने के लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाए गए।  जिससे महंगाई कंट्रोल में है। उन्होंने उत्तराखंड में दाल, आटा, चावल, पेट्रोल, डीजल की कीमतों का चंडीगढ़, राजस्थान, हैदराबाद, दिल्ली, रायपुर समेत अन्य शहरों की कीमतों से तुलना किया। सरकार की ओर से 23 लाख परिवारों को सस्ता राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। सदन में सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉक आउट कर दिया।

सदन में सुर्खियों में रही प्रीतम की अंगूठी

सदन में महंगाई, भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य के मुद्दे गरमाने के साथ ही कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह की अंगूठी भी सुर्खियों में रही। सत्र के चौथे दिन सदन में नियम 58 पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष ने अंगूठी पर खूब चुटकी ली।

संसदीय कार्य मंत्री मदन कौशिक ने चर्चा के दौरान चुटकी ली कि जब से अंगूठी गई तब से प्रीतम सिंह कुछ बिचल गए हैं। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अंगूठी की कहानी अभी तक समझ नहीं पाया।

इस पर कौशिक ने कहा कि प्रीतम सिंह को किसी ने 2022 की भावनाएं पूरी होने के लिए अंगूठी दी थी, लेकिन प्रीतम के शुभचिंतकों ने अंगूठी में हेराफेरा कर दी। प्रीतम सिंह ने जवाब दिया कि अंगूठी चमत्कारी थी।

जिससे सत्ता पक्ष के विधायक भी सरकार पर प्रहार कर रहे हैं। अंगूठी खोना सरकार के सिर चढ़ कर बोल रहा है। बता दें कि कांग्रेस के विधानसभा कूच के दौरान प्रीतम सिंह की अंगूठी खो गई थी।

बिना सूचना के स्वास्थ्य केंद्र छोड़ने पर एएनएम के खिलाफ होगी कार्रवाई

संसदीय कार्य मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि प्रदेश के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की जांच, टीकाकरण की सुविधाएं उपलब्ध हैं। सरकार का प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में किसी की जान न जाए। बिना सूचना के स्वास्थ्य केंद्र छोड़ने पर एएनएम के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यदि एएनएम अवकाश पर रहती है तो इसकी जगह सीएमओ वैकल्पिक व्यवस्था करेंगे। 

बृहस्पतिवार को विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने सदन में उत्तरकाशी जिले के मौरी और नौगांव में स्वास्थ्य सुविधा न मिलने के कारण दो महिलाओं की मौत का मामला उठाया। संसदीय कार्य मंत्री ने मदन कौशिक ने कहा कि प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सरकार ने इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड के मानकों के अनुसार चिकित्सा इकाईयां बनाई है। 763 डॉक्टरों और 1238 नर्सों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। प्रदेश में मातृ मृत्यु दर 285 से घट कर 99 प्रति लाख हुई है। वहीं, शिशु मृत्यु दर में भी 38 से घट कर 31 प्रति हजार पर आई है।

विपक्ष ने रातों रात बदली अपनी रणनीति

सत्र के अंतिम दिन महंगाई के मुद्दे को उठाने की तैयारी कर रही कांग्रेस ने रातों रात अपनी रणनीति बदली। पूर्व सीएम हरीश रावत का ट्वीट उनके काम आया और विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार से सदन में घोषणा कराने में भी सफल रहा।  नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश सहित कांग्रेस के अन्य विधायकों ने काम रोको प्रस्ताव के तहत महंगाई का मुद्दा बृहस्पतिवार को उठाना तय किया था।

इधर, हरिद्वार में पूर्व सीएम हरीश रावत मासूम के साथ दरिंदगी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों से मिले और उन्होंने कहा कि यह मामला कांग्रेस सदन में उठाएगी। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद कांग्रेस ने अपनी रणनीति बदली और काम रोको प्रस्ताव के तहत प्रदेश की कानून व्यवस्था के मुद्दे को उठाने का फैसला किया। कांग्रेस की ओर से महंगाई का मुद्दा नियम 58 के तहत लाया गया। हरिद्वार का यह मामला संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक के निर्वाचन क्षेत्र का भी था और मदन कौशिक खुद भी इस मामले को लेकर सक्रिय थे। ऐसे में सदन के जरिए सरकार इस मामले में त्वरित फैसला भी ले पाई। 

अब सरकार पर दबाव बनाए रखने की कोशिश
सदन में कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे को लेकर प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह खासे मुखर रहे। पार्टी नेटवर्क से फीडबैक ने भी प्रीतम को फैसला करने में मदद की। इसके बाद पार्टी की ओर से विरोध के कार्यक्रम घोषित होने से भी इसकी पुष्टि हुई।

जनप्रतिनिधियों के सम्मान की कोताही के बढ़ रहे हैं मामले

प्रदेश में विधायकों के सम्मान की कोताही के बढ़ते मामलों पर बृहस्पतिवार को पीठ ने भी चिंता जताई। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि विशेषाधिकार हनन के मामले बढ़ रहे हैं, इनको बढ़ने से रोका जाए। इसी के साथ पीठ ने कुमाऊं के भाजपपा विधायक नवीन दुमका के मामले को निस्तारित किया। 

इस बार सत्र के दौरान विशेषाधिकार हनन के मामलों ने सरकार को परेशान किए रखा। खुद विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान इस मामले को लेकर नाराज दिखाई दिए और विशेषाधिकार हनन का मामला लेकर बैठ गए। इससे पहले भी कुमाऊं के भाजपा विधायक राजेश शुक्ला ने भी विशेषाधिकार हनन का मामला पिछले सत्र में उठाया था। 
कुमाऊं के भाजपा विधायक नवीन दुमका का मामला भी सदन में बृहस्पतिवार केे आया। एक कार्यक्रम में नवीन दुमका को नहीं बुलाया गया था। 2018 के इस मामले में संबंधित पक्ष की ओर से माफी मांग ली गई थी और इस वजह से पीठ ने इस मामले को निस्तारित कर दिया। 

इतना होने पर भी स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल को यह और मामलों की याद दिला गया। स्पीकर ने निर्देश दिया कि इस तरह के मामलों की पुनर्रावृत्ति न हो और इस तरह के मामलों को बढ़ने से रोका जाए। 

एक अन्य कारण से याद आए सुरेंद्र जीना
सदन में आज भाजपा के सल्ट के दिवंगत विधायक सुरेंद्र सिंह जीना फिर याद आए। असरकारी कार्य के तहत सदन में जीना के दो संकल्प आए। एक संकल्प में जीना ने पहाड़ में बंजर खेतों में फूलों और सगंध पादपों की खेती की नीति बनाने का आग्रह सरकार से किया था। दूसरे संकल्प में उनकी ओर से कहा गया था स्थानीय संसाधनों का विकास कर सरकार पलायन को रोकने की कोशिश करे। इन दोनों संकल्पों को विलोपित किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed