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उत्तराखंड विधानसभा : दो दशक के बाद सत्ता परिवर्तन का मिथक टूटा, चार चुनाव से चली आ रही एक और परंपरा आज टूटी

Mon, 21 Mar 2022 02:30 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 21 Mar 2022 02:30 PM IST
सार

आज होने वाली भाजपा विधायक मंडल दल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री को लेकर कयासबाजी का दौर भी खत्म हो जाएगा। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए नाम तय हो चुका है। इसी के साथ आज  विधानसभा के इतिहास में पिछले चार चुनाव से चली आ रही एक और परंपरा टूट गई।

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Uttarakhand Assembly: Uttarakhand Assembly: myth of change power is broken After two decades, Another tradition broken today
नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विधानसभा चुनाव में दो दशक के बाद सत्ता परिवर्तन का मिथक टूटा है। वहीं, इस बार विधानसभा के इतिहास में पिछले चार चुनाव से चली आ रही एक और परंपरा टूट गई। पांचवीं विधानसभा में मुख्यमंत्री व कैबिनेट से पहले निर्वाचित विधायक पद की शपथ ली। अभी तक यह परंपरा रही कि मुख्यमंत्री पहले शपथ लेते थे, जिसके बाद ही विधायकों को शपथ दिलाई जाती थी।

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विधायक दल का नेता चुनने के लिए आज होने वाली भाजपा विधायक मंडल दल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री को लेकर कयासबाजी का दौर भी खत्म हो जाएगा। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए नाम तय हो चुका है। इसका एलान विधायक मंडल दल की औपचारिक बैठक में होगा। बता दें कि जब भी विधानसभा चुनाव होते हैं, नई सरकार के गठन के लिए बहुमत हासिल करने वाली पार्टी विधायक मंडल की बैठक बुलाकर मुख्यमंत्री तय करती है।
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लेकिन इस बार एक पुरानी परंपरा टूटेगी। अभी तक पंरपरा यह थी कि विधायक मंडल दल की बैठक में विधायक दल का नेता चुने के बाद मुख्यमंत्री व कैबिनेट शपथ लेती थी। जिसके बाद मुख्यमंत्री की ओर से राजभवन को प्रोटेम स्पीकर के लिए वरिष्ठ नेता का नाम भेजा जाता था, लेकिन इस बार विधायक मंडल दल से पहले ही राज्यपाल ने प्रोटेम स्पीकर नियुक्त कर दिया। साथ ही प्रोटेम स्पीकर व सभी निर्वाचित सदस्यों को मुख्यमंत्री से पहले शपथ ली।

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