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उत्तराखंड विधानसभा सत्र: यूसीसी विधेयक प्रवर समिति को सौंपने का प्रस्ताव खारिज, विपक्ष ने उठाई थी मांग

Wed, 07 Feb 2024 08:18 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 07 Feb 2024 08:18 PM IST
सार

विधानसभा सत्र के तीसरे दिन भी सदन में यूसीसी पर चर्चा हुई। कांग्रेस विधायकों ने यूसीसी विधेयक पर चर्चा के दौरान सवाल खड़े किए।

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Uttarakhand Assembly session 2024 Proposal to hand over UCC Bill to Select Committee rejected
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) उत्तराखंड विधेयक को प्रवर समिति को सौंपने का प्रस्ताव खारिज हो गया। विपक्ष ने यूसीसी के प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए खामियां दूर करने के लिए विधानसभा की प्रवर समिति को सौंपने का प्रस्ताव दिया था। सदन में ध्वनिमत से प्रस्ताव खारिज किया गया।

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विधानसभा सत्र के तीसरे दिन भी सदन में यूसीसी पर चर्चा हुई। कांग्रेस विधायकों ने यूसीसी विधेयक पर चर्चा के दौरान सवाल खड़े किए। विपक्ष ने भी माना कि यूसीसी अनिवार्य था, लेकिन सरकार इसे लागू करने में जल्दबाजी दिखा रही है। विशेषज्ञ समिति के माध्यम से तैयार यूसीसी के मसौदे पर विस्तार से चर्चा और अध्ययन कर इसे लागू किया जाना चाहिए था।
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कहा, यदि सरकार ऐसा करती तो विपक्ष पर यूसीसी विधेयक सर्वसम्मति से पारित करने में साथ होता। चर्चा के बाद ध्वनिमत से यूसीसी विधेयक प्रवर समिति को सौंपने का प्रस्ताव खारिज किया गया। चर्चा में विधायक तिलक राज बेहड़, आदेश चौहान, विक्रम सिंह नेगी, रवि बहादुर, वीरेंद्र जाती ने यूसीसी के प्रावधानों पर सवाल उठाए।
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लिव इन रिलेशन को भी शादी माना जा रहा : प्रीतम
कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने कहा, यूसीसी विधेयक में कई खामियां है। लिव इन रिलेशन का पंजीकरण अनिवार्य किया गया। इसे भी शादी माना जा रहा है, जबकि सुप्रीमकोर्ट ने एक फैसले कहा था कि लिव इन रिलेशन का पंजीकरण मूर्खतापूर्ण विचार है। सवाल उठाए कि उत्तराखंड का निवासी दूसरे राज्य में लिव इन रिलेशन में रहता है, तो उस पर यूसीसी के प्रावधान कैसे लागू होंगे। प्रदेश सरकार महिलाओं के प्रति समर्पित है तो अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने में चुप क्यों है। उन्होंने यूसीसी को सर्वसम्मति से पारित करने में विपक्ष को कोई गुरेज नहीं है, लेकिन प्रावधानों पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए।

यूसीसी में कुछ नया सिर्फ कॉपी पेस्ट : कापड़ी
कांग्रेस विधायक भुवन कापड़ी ने कहा, प्रदेश सरकार की ओर से जिस तरह से यूसीसी पर सुर्खियां बटोरी जा रहीं, लेकिन यूसीसी में कुछ नया नहीं है। सिर्फ संविधान में पहले से मौजूद प्रावधानों को कॉपी पेस्ट किया गया। लिव इन रिलेशन के पंजीकरण को अनिवार्य किया गया। इससे लिव इन रिलेशन में रहने पर गोपनीयता सार्वजनिक होगी। सरकार को यूसीसी में लिव इन रिलेशन को प्रतिबंध करना चाहिए था।

यूसीसी जरूरत था, लेकिन जल्दबाजी की : हरीश
कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने कहा, समान नागरिक संहिता को लागू करना जरूरी था, लेकिन कहीं न कहीं प्रदेश सरकार ने इसमें जल्दबाजी की है। जिससे यूसीसी विधेयक में कई खामियां है। हम सब की भी यही इच्छा है कि एक ऐसा कानून बने, जो देश में नजीर बन सके।

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