Uttarakhand Monsoon Session: विपक्ष का हंगामा, सीएम धामी ने पेश किया 5315 करोड़ का अनुपूरक बजट, नौ विधेयक भी आए
Uttarakhand Assembly Monsoon Session 2025: सीएम धामी ने हंगामे के बीच ही 5315 करोड़ का अनुपूरक बजट सदन पटल पर रखा। इसके साथ ही नौ विधेयक भी पेश हुए।
विस्तार
उत्तराखंड विधासभा का चार दिवसीय मानसून सत्र आज मंगलवार से भराड़ीसैंण विधानसभा में शुरू हुआ। पहले ही दिन विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। इसके बीच कई बार सदन की कार्यवाही स्थगित की गई। वहीं, शाम को सीएम धामी ने हंगामे के बीच ही अनुपूरक बजट सदन पटल पर रखा। इसके साथ ही नौ विधेयक भी पेश हुए। इसके बाद सदन की कार्यवाही को बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
सदन में रखा 5315 करोड़ रूपये का अनुपूरक बजट
मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष के हंगामे के बीच प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट 2025-26 पेश किया। बजट में विकास कार्याें के लिए पूंजीगत मद में 3163.02 करोड़ का प्रावधान किया गया। इसके अलावा आपदा राहत कार्याें को 264.94 करोड़ व कुंभ मेला के लिए 200 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। मंगलवार को चार बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हंगामे के बीच सदन में अनुपूरक बजट सदन पटल पर रखा। बजट में राजस्व मद के लिए 2152.37 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। केंद्रीय पोषित योजनाओं के लिए 1689.13 करोड़, बाह्य सहायतित योजनाओं के लिए 215 करोड़ की व्यवस्था की गई है। आपदा प्रबंधन के तहत जोशीमठ व अन्य स्थानों में भू-धंसवा व अन्य राहत कार्याें के लिए 263.94 करोड़ व जिलाधिकारियों के माध्यम से आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण के लिए 13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। वर्ष 2027 में हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेला में बड़े निर्माण कार्य के लिए 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा 2026 में होने वाली नंदाराजजात के पैदल यात्रा मार्गाें पर निर्माण कार्य के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
ये नौ विधेयक सदन पटल पर रखे गए
- उत्तराखंड विनियोग 2025-26 का अनुपूरक विधेयक 2025
- उत्तराखंड उत्तर प्रदेश श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ मंदिर अधिनियम 1939 संशोधन विधेयक 2025
- उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता एवं विधि विरुद्ध प्रतिषेध संशोधन विधेयक 2025
- उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025
- उत्तराखंड साक्षी संरक्षण निरसन विधेयक 2025
- उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025
- समान नागरिक संहिता उत्तराखंड संशोधन विधेयक 2025
- उत्तराखंड पंचायती राज संशोधन विधेयक 2025
- उत्तराखंड लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक 2025
विपक्ष ने सचिव की टेबल पटकी, माइक तोड़ा
कानून व्यवस्था पर कांग्रेस के विरोध के चलते लगातार कई बार कार्यवाही स्थगित की गई। सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्षी नेताओं ने सचिव की टेबल पलटने की कोशिश की। साथ ही माइक तोड़ दिया। कांग्रेस विधायकों ने वेल में लहराए कागज।
कांग्रेस विधायकों ने कार्यसूची फाड़ी और सदन में उछाली
कांग्रेस विधायकों ने कार्यसूची फाड़ी और सदन में उछाली। इसके बार वेल में धरने पर बैठ गए। विधानसभा अध्यक्ष ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ये बेहद दुखद है। सदन के अंदर सचिव के टेबल, माइक और टेबलेट को तोड़ दिया गया।
दिवंगत पूर्व विधायक मुन्नी देवी को श्रद्धांजलि
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने दिवंगत पूर्व विधायक मुन्नी देवी को श्रद्धांजलि दी। उनके बाद सदन में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज फिर कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत और मंत्री सौरभ बहुगुणा ने श्रद्धांजलि दी।विपक्ष ने कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई- सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा सत्र को लेकर कहा कि सदन में बहस होनी चाहिए थी। जनता के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन विपक्ष ने जिस तरह से कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई हैं, वह पूरा देश देख रहा है। हम सदन चलाना चाहते थे। पंचायत चुनाव में भाजपा को भारी जीत मिली है। जिस तरह से जनता ने पंचायत चुनाव, लोकसभा चुनाव, विधानसभा, नगर निकाय चुनाव में सभी क्षेत्रों के विकास की जिम्मेदारी भाजपा को सौंपी है, उससे विपक्ष का निराश होना स्वाभाविक है। सीएम ने कहा कि जनता देख रही है। पूरे देश में इनकी पार्टी की ये परंपरा बन गई है कि जहां भी हारते हैं वहां ये ईवीएम कभी चुनाव आयोग, प्रशासन, सरकार को दोष देते हैं। नैनीताल में हमारी पार्टी का उम्मीदवार अध्यक्ष और कांग्रेस का उम्मीदवार उपाध्यक्ष चुना गया, अगर ये निष्पक्ष चुनाव नहीं होता तो दोनों पद भाजपा के पास होने चाहिए थे। सदन में चर्चा होनी चाहिए थी, हम चर्चा के लिए तैयार थे। हमें अपने राज्य को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए काम करना है।
#WATCH | चमोली, उत्तराखंड: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा सत्र पर कहा, "सदन में बहस होनी चाहिए थी, जनता के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन विपक्ष ने जिस तरह से कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई हैं, वह पूरा देश देख रहा है, हम सदन चलाना चाहते थे। पंचायत… pic.twitter.com/pb6D0DA9gb
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 19, 2025
आंकड़े नहीं सतत विकास, नवाचार और आर्थिक मजबूती का आधार है अनुपूरक बजट
अनुपूरक बजट को सदन पटल पर रखने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 5315 करोड़ रुपये का यह अनुपूरक बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को आत्मसात करते हुए तैयार किया गया है। यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं बल्कि सतत विकास, समावेशी विकास, नवाचार और आर्थिक सुदृढ़ता की दिशा में हमारा संकल्प है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा फोकस राज्य की मानव पूंजी में निवेश और हर वर्ग के समावेशी विकास पर है। किसानों, श्रमिकों, गरीबों, महिलाओं, युवाओं, सुरक्षा बलों और पत्रकारों सहित सभी वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए यह बजट तैयार किया गया है। राज्य में विद्युत टैरिफ सब्सिडी, स्वास्थ्य योजनाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना, पुलिसकर्मियों के आवास, तीमारदारों के विश्राम गृह तथा शहीद व पत्रकार कल्याण कोष के लिए समुचित प्रावधान किए गए हैं। हमारी सरकार ने आपदा न्यूनीकरण और पर्यावरणीय संतुलन को भी प्राथमिकता दी है, ताकि इकोलॉजी और इकोनॉमी के बीच संतुलन बना रहे। भू-धसाव, भूकंप जोखिम, स्प्रिंग मैपिंग और आपदा राहत के लिए प्रभावी बजटीय प्रावधान किए गए हैं।
बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में रिस्पना-बिन्दाल एलिवेटेड रोड, पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार, कुंभ मेला अवसंरचना तथा पर्यटन विकास को भी विशेष महत्व दिया गया है। हम ऋषिकेश को योग नगरी और हरिद्वार को आध्यात्मिक पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने को प्रतिबद्ध हैं। साथ ही नन्दा राजजात यात्रा और शारदा रिवर फ्रंट जैसे सांस्कृतिक व धार्मिक आयोजनों को भी सशक्त किया जा रहा है। यह अनुपूरक बजट नए उत्तराखंड की दिशा में एक और मजबूत कदम है।
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