उत्तराखंड: सोलर संयंत्र लगाने पर सालाना 80 हजार का होगा लाभ, 400 वर्ग मीटर जमीन पर लगा सकते हैं प्लांट
- 400 वर्ग मीटर जमीन पर लगा सकता है 25 किलोवाट का प्रोजेक्ट
- बिजली खरीदने के लिए 25 साल का होगा अनुबंध
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कोरोना काल में बाहरी राज्यों से लौटे प्रवासियों और राज्य के लोगों को रोजगार देने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना (एमएसवाई) में एक अंब्रेला के नीचे सभी विभागों की रोजगार परक योजना को शामिल किया गया है। इसके तहत सौर स्वरोजगार योजना में 25 किलोवाट क्षमता के छोटे प्रोजेक्ट लगाए जा सकते हैं। इस प्रोजेक्ट के लिए 400 वर्गमीटर भूमि चाहिए। इस प्लांट से सालाना 80 हजार रुपये की कमाई हो सकती है।
शुक्रवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेसवार्ता करते हुए शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने कहा कि मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के पहले चरण में 10 हजार प्रोजेक्ट लगाने का लक्ष्य रख गया है। छोटे सोलर प्रोजेक्ट लगाने पर 25 साल के लिए बिजली क्रय करने का अनुबंध किया जाएगा और बिजली के रेट भी ज्यादा तय किए हैं। कोरोना काल में बाहरी राज्यों से लगभग पांच लाख प्रवासी लौटे हैं। इसमें 3.27 लाख पंजीकृत हैं। प्रवासियों और प्रदेेश में पहले से रह रहे लोगों को रोजगार देने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत कई योजनाओं को शामिल किया है।
ये योजनाएं हैं शामिल
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में कृषि, बागवानी, डेयरी, एमएसएमई, मोटरसाइकिल टैक्सी, कोल्ड स्टोरेज, रेफ्रिजरेटर वैन, मशरूम उत्पादन, मौन पालन, पुष्प उत्पादन, नर्सरी, सोलर प्लांट, शहरी क्षेत्रों में रेहड़ी फड़ी, ठेली समेत अन्य स्ट्रीट वेंडरों के लिए तमाम योजनाएं शामिल हैं। 150 कार्यों को एमएसवाई योजना में सब्सिडी का लाभ मिल सकता है।
प्रदेश में एमसीवाई और होप पोर्टल पर पंजीकरण का विवरण
जनपद एमसीवाई होप पोर्टल
पिथौरागढ़ 570 353
बागेश्वर 517 517
अल्मोड़ा 1360 1574
चंपावत 478 674
नैनीताल 1876 1390
ऊधमसिंह नगर 1625 2066
चमोली 847 429
रुद्रप्रयाग 493 2365
पौड़ी 1278 1616
टिहरी 1361 1818
उत्तरकाशी 877 388
देहरादून 2682 3777
हरिद्वार 1145 688
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कुल- 15109 17655