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उत्तराखंड: बर्खास्त की गईं चंपावत जिले में एक्टिव सर्वे नहीं करने वाली 264 आशा कार्यकर्ता

Thu, 02 Jul 2020 11:17 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंपावत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंपावत Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 02 Jul 2020 11:17 PM IST
सार

  • नई चयन प्रक्रिया के लिए सीएमओ ने जारी किए आदेश 
  • सिर्फ मैदानी क्षेत्र में काम कर रही हैं 85 आशा कार्यकर्ता 

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Uttarakhand: 264 Asha workers Dismissed for not done active survey in champawat
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

कोविड-19 के मद्देनजर एक्टिव सर्वे नहीं करने वाली चंपावत जिले की 264 आशा कार्यकर्ताओं को बर्खास्त कर दिया है। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने आशा कार्यक्रम के जिला समन्वयक सहित सभी ब्लाकों के चिकित्साधिकारियों को नई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने के बृहस्पतिवार को आदेश भी दे दिए हैं। 

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आशा कार्यकर्ताओं को चंपावत जिले की 313 ग्राम पंचायतों के 656 गांवों में घर-घर जाकर जून माह में एक्टिव सर्वे करना था। इसके तहत 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग, दस साल तक के बच्चों को बुखार, खांसी आदि बीमारियों का ऑनलाइन सर्वे करना था। इस सर्वे को 30 जून तक पूरा किया जाना था, लेकिन जिले के ज्यादातर हिस्सों में ये काम शुरू ही नहीं हुआ। आशा कार्यकर्ता संगठन ने सुविधाओं की कमी और काम की अधिकता के चलते इस काम को नहीं करने का एलान किया था। अतिरिक्त सुविधाओं के बगैर काम नहीं करने के इस निर्णय पर वे अंत तक कायम भी रहीं। 
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सीएमओ ने बताया कि सर्वे करने को लेकर आशा कार्यकर्ताओं को 12 मई, 14 जून और 27 जून को पत्र भेजे गए, लेकिन फिर भी उन्होंने काम की अनदेखी जारी रखी। जिले की 349 आशा कार्यकर्ताओं में से सिर्फ 85 ने सर्वे का काम किया।

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सीएमओ ने कहा कि बृहस्पतिवार को हुई समीक्षा बैठक में डीएम की ओर से दिए निर्देश के क्रम में आशाओं को हटाने और नई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके चलते नई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश जारी किया गया है। 

आशा कार्यकर्ता ऑफलाइन सर्वे के लिए तैयार हैं। लेकिन विभाग ने ऑनलाइन सर्वे का आदेश दिया है। ऑनलाइन सर्वे के लिए न तो स्मार्ट फोन दिया गया है और न ही डाटा उपलब्ध कराया गया। ऐसी स्थित में वे सर्वे नहीं कर सकती हैं। इसे लेकर शुक्रवार को आशा कार्यकर्ताएं प्रदर्शन करेंगी। विभाग फोन और प्रशिक्षण देगा, तो हम सर्वे करेंगे। हम तीन माह से कोरोना के दौर में लगातार ड्यूटी दे रहे हैं। 
रुकमणि जोशी, ब्लाक अध्यक्ष,आशा कार्यकर्ता संगठन, चंपावत। 

कोरोना काल में आशा कार्यकर्ताओं का सर्वे नहीं करने का निर्णय कतई ठीक नहीं है। आशा कार्यकर्ताओं का तीन साल पुराना बकाया भी दिया जा चुका है। मुख्यमंत्री प्रोत्साहन राशि देने का भी एलान किया गया है। काम नहीं करने वाली आशा कार्यकर्ताओं के स्थान पर नई आशा कार्यकर्ताओं को रखने का स्वास्थ्य विभाग के स्तर से निर्णय लिया गया है। 
सुरेंद्र नारायण पांडेय, डीएम, चंपावत।

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