{"_id":"603fdbd68ebc3e8ca45ea1f5","slug":"usac-becomes-nodal-agency-for-setting-up-himalaya-knowledge-network-city-news-drn3725587109","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमालय नॉलेज नेटवर्क की स्थापना के लिए यूसैक बना नोडल एजेंसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमालय नॉलेज नेटवर्क की स्थापना के लिए यूसैक बना नोडल एजेंसी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण संस्था, कोसी अल्मोड़ा, भारत सरकार व उत्तराखंड अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (यूसैक) ने उत्तराखंड में हिमालय नॉलेज नेटवर्क को स्थापित करने के लिए समझौता पत्र हस्ताक्षर किए। इस पहल में पूर्व में नीति आयोग, भारत सरकार की ओर से जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण संस्थान को हिमालयी क्षेत्र के लिए केंद्रीकृत डेटा प्रबंधन एजेंसी के रूप में चिह्नित किया गया है। इसमें बुधवार को यूसैक को उत्तराखंड के लिए नोडल एजेंसी के रूप में चिह्नित किया गया।
पर्यावरण संस्थान के निदेशक डॉ. आरएस रावल ने कहा कि यूसैक की ओर से विभिन्न वैज्ञानिक संस्थानों, रेखीय विभागों अन्य गैर सरकारी संस्थानों के बीच सुगम-सूचना साझाकरण के लिए नेटवर्क की स्थापना करना है। वहीं, यूसैक के निदेशक प्रो. एमपीएस बिष्ट ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से जीबी पंत पर्यावरण संस्थान व यूसैक संयुक्त रूप में उन विशेषज्ञों तक पहुंचेंगे, जो पहाड़ के मुद्दों पर विस्तृत ज्ञान रखते हैं।
साथ ही उन्होंने बताया कि केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. गजेंद्र सिंह और शशांक लिंगवाल को उत्तराखंड में हिमालय नॉलेज नेटवर्क को लागू करने के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। इस मौके पर केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. सुषमा गैरोला, डॉ. आशा थपलियाल, सुधाकर भट्ट, इंद्रजीत सिंह, नवीन चंद्र, सोनम बहुगुणा, संजय द्विवेदी, भावना, अतुल कौशिक, सौरभ डंगवाल, विकास आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पर्यावरण संस्थान के निदेशक डॉ. आरएस रावल ने कहा कि यूसैक की ओर से विभिन्न वैज्ञानिक संस्थानों, रेखीय विभागों अन्य गैर सरकारी संस्थानों के बीच सुगम-सूचना साझाकरण के लिए नेटवर्क की स्थापना करना है। वहीं, यूसैक के निदेशक प्रो. एमपीएस बिष्ट ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से जीबी पंत पर्यावरण संस्थान व यूसैक संयुक्त रूप में उन विशेषज्ञों तक पहुंचेंगे, जो पहाड़ के मुद्दों पर विस्तृत ज्ञान रखते हैं।
विज्ञापन
साथ ही उन्होंने बताया कि केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. गजेंद्र सिंह और शशांक लिंगवाल को उत्तराखंड में हिमालय नॉलेज नेटवर्क को लागू करने के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। इस मौके पर केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. सुषमा गैरोला, डॉ. आशा थपलियाल, सुधाकर भट्ट, इंद्रजीत सिंह, नवीन चंद्र, सोनम बहुगुणा, संजय द्विवेदी, भावना, अतुल कौशिक, सौरभ डंगवाल, विकास आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन