केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के निधन से उत्तराखंड में शोक की लहर, चार साल पहले आए थे मसूरी
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केंद्रीय खाद्य एवं वितरण मंत्री राम विलास पासवान आठ अप्रैल 2016 को मसूरी आए थे। मसूरी के एक होटल में आयोजित भारतीय मानक ब्यूरो की 26वीं बैठक में भाग लिया था। जहां उन्होंने नया बीआईएस अधिनियम लागू होने से उपभोक्ताओं के हितों का व्यापक संरक्षण करने की बात कही थी।
लोक जनशक्ति पार्टी के उत्तराखंड के प्रदेश महासचिव बिल्लू बाल्मीकि ने कहा कि रामविलास पासवान के निधन से देश ने एक महान नेता खो दिया है। राम विलास पासवान कर्मठ, जुझारू और जमीन से जुड़े नेता थे।
उन्होंने हमेशा देश हित के साथ दलितों के उत्थान के लिए काम किया। कार्यकर्ताओं से उन्हें विशेष लगाव रहता था। छोटे से छोटे कार्यकर्ता को भी बड़ी तरजीह देते थे। उनका व्यक्तित्व सदैव कार्यकर्ताओं के लिए आदर्श रहेगा।
सीएम, विधानसभा अध्यक्ष ने पासवान के निधन पर शोक जताया
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ राजनेता रामविलास पासवान के निधन पर शोक जताया है। शोक संदेश जारी कर सीएम ने कहा कि पासवान लोकप्रिय जननेता और कुशल प्रशासक थे। उन्होंने केंद्र के विभिन्न मंत्रालयों के दायित्व को कुशलता से निभाया।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल और राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने वरिष्ठ राजनेता रामविलास पासवान के निधन पर शोक जताया है। राज्यपाल ने कहा कि राम विलास पासवान एक अनुभवी सांसद थे। वे वंचित वर्ग के हित की रक्षा के लिए हमेशा संघर्षरत रहे।