2022 तक साफ हो जाएगी गंगा नदी: उमा भारती

ब्यूरो / अमर उजाला, मुनिकीरेती-ऋषिकेश Updated Mon, 12 Oct 2015 12:16 PM IST
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uma bharti statment about clean ganga.

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परमार्थ निकेतन में आयोजित नमामि गंगे समिति की कार्यशाला के दूसरे दिन समापन सत्र को केंद्रीय जल संसाधन एवं गंगा स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने संबोधित किया।
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उन्होंने कहा कि 2022 तक गंगा को अविरल और निर्मल बनाया जाएगा। इसके लिए अभियान को तीन चरणों में बांटा गया है। उन्होंने कहा कि योजना में अब शत प्रतिशत धनराशि केंद्र सरकार खर्च करेगी। लेकिन, राज्य सरकारों के सहयोग से ही इस अभियान को अंजाम तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस पूरी योजना में 20 हजार करोड़ का खर्च आएगा। इसके लिए केंद्र संपूर्ण धनराशि आवंटित कर चुका है।
उमा भारती ने बताया कि इसका पहला चरण अक्तूबर-2016 से शुरू होगा, जिसमें गंगा घाटों और तटों के प्रदूषण मुक्त बनाया जाएगा। दूसरा चरण मार्च 2018 में शुरू होगा, इसमें गंगा की अविरलता के साथ उसे निर्मल बनाना है जबकि तीसरे चरण में 2022 तक गंगा को पूरी तरह स्वच्छ बना दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने के लिए पहले 70 फीसदी केंद्र सरकार और 30 फीसदी धनराशि राज्य सरकार को खर्च करनी थी। लेकिन, इससे विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में दिक्कतें आ रही थी। इसलिए केंद्र सरकार ने योजना में पूरी धनराशि खर्च करने का फैसला लिया है। उस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को नमामि गंगे योजना के तहत गंगा को अविरल और निर्मल बनाने संबंधी प्रारूप की जानकारी दी।

इस मौके पर टिहरी सांसद माला राजलक्ष्मी शाह, विधायक विजय बड़थ्वाल, नमामि गंगे अभियान के संयोजक त्रिवेंद्र सिंह रावत, नई दिल्ली के सांसद केशव प्रसाद मौर्य, नमामि गंगे समिति के संरक्षक विनय सहस्त्रबुद्धे, नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक अध्यक्ष शकुंतला राजपूत, नगर पालिका मुनिकीरेती के अध्यक्ष शिवमूर्ति कंडवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष भरत लाल, महामंत्री जीतू अवस्थी, जिला महामंत्री गुरुपाल बत्रा, अनीता ममगाईं, गजेंद्र नागर आदि मौजूद थे।

उत्तराखंड में खनन पर लगे रोक
नमामि गंगे समिति की कार्यशाला में उपस्थित केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने प्रदेश में गंगा समेत सहायक नदियों में किए जा रहे खनन के मामले में राज्य सरकार की नीति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में गंगा किनारे सबसे अधिक अवैध खनन किया जा रहा है। इसे रोकने की जरुरत है। उन्होंने कहा, राज्य सरकार की इस दिशा में गंभीरता से प्रयास करने चाहिए।

गंगा को प्रदूषण मुक्त करने की साधु-संतों की जिम्मेदारी
उमा भारती ने बनारस में साधु-संतों पर हुए लाठी चार्ज के बारे में कहा कि गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने की जिम्मेदारी संत समाज की भी होनी चाहिए। उन्होंने नदी में पर्व-त्योहारों पर मूर्तियां प्रवाहित करने पर कहा कि गंगा में केवल वही वस्तु प्रवाहित की जानी चाहिए जिससे गंगा में प्रदूषण नहीं बढ़े या उसे किसी दूसरे प्रकार का कोई नुकसान नहीं हो।

राफ्टिंग से गंदगी पर लगे रोक
उमा भारती उमा भारती ने कहा कि गंगातटों पर स्थित राफ्टिंग और बीच कैंपों के माध्यम से भी नदी में गंदगी फैल रही है। इसे रोकने की सख्त आवश्यकता है। इसके लिए उन्होंने राफ्टिंग और बीच कैंप संचालकों को सलाह दी कि वे कैंप में डस्टबिन लगाएं और पर्यटकों को कूड़ा-कचरा उसी में डालने को कहें, ताकि गंगा को मैली होने से बचाया जा सका।

सहायक नदियों के जरिये गंगा में गिर रही गंदगी
यमकेश्वर विधायक विजय बड़थ्वाल ने केंद्रीय मंत्री से पौड़ी जिले के अंतर्गत गंगा और सहायक नदियों के किनारे बसे गांवों को भी नमामि गंगे योजना में जोड़ने की मांग की। उन्होंने बताया कि यमकेश्वर में हेंवल, विंध्यवासिनी नदियों के किनारे सैकड़ों गांव बसे हैं। कार्ययोजना नहीं होने से गांवों की गंदगी सहायक नदियों के जरिये गंगा में गिर रहा है। गंगा स्वच्छता के लिए इसे रोकने की आवश्यकता है।
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