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तीन तलाक पर उलमा के तेवर कड़े, कहा 'ये शरीयत में खुली दखलंदाजी'

Fri, 21 Oct 2016 01:28 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 21 Oct 2016 01:28 AM IST
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ulama oppose center on triple talaq.
तीन तलाक पर केंद्र के हलफनामे के बाद मामला गरमा गया है। - फोटो : Reuters

तीन तलाक के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार को लगातार मुस्लिम धर्मगुरुओं का विरोध झेलना पड़ रहा है। यह विरोध अब देहरादून में भी शुरू हो गया है। शहर और देहात के उलमा की बैठक में तय किया गया कि जुमे की नमाज से पहले लोगों को तीन तलाक में मसले पर तफ्सील से समझाया जाएगा।

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इसके बाद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा तैयार किये गए एक फार्म पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इन फार्मों को बोर्ड के दफ्तर भेजा जाएगा।

एक इंदर रोड स्थित तस्मिया अकादमी में दारुल कजा देहरादून और इसलाहे मुआसरा कमेटी, आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड उत्तराखंड की ओर से शहर और देहात के उलमा की एक बैठक हुई।

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‘शरीयत के मामलों में दखल बर्दाश्त नहीं’

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तलाक

उलमाओं ने कहा कि उच्चतम न्यायालय में तीन तलाक समेत इस्लामी शरीयत के कुछ कानूनों के सिलसिले में एक मुकदमा चल रहा है। आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपना हलफनामा दाखिल कर दिया है और अब हुकूमत ने भी शपथपत्र दाखिल करके तीन तलाक को औरतों के बुनियादी अधिकारों के खिलाफ करार दिया है।

यह शरीयत में खुली दखलंदाजी है जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शरीयत में तीन तलाक के मामले को और गहराई से समझने की जरूरत है।

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तीन तलाक के मुद्दे पर देश भर में चर्चा जारी है। - फोटो : demo

इस्लाम में निकाह करना आसान है, तलाक देना बहुत मुश्किल है। मगर मुसलमानों में अशिक्षा और जागरूकता की कमी की वजह से सारी मुश्किलें खड़ी हो रही हैं।

शुरू किया हस्ताक्षर अभियान
इसी को लेकर देशभर में एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है। उत्तराखंड में भी जुमे की नमाज के बाद इसकी शुरुआत की जाएगी। मदरसों में भी अभिभावकों को बुलाकर मसले पर जागरूक किया जाएगा।

शहर काजी मोहम्मद अहमद कासमी, शहर मुफ्ती सलीम अहमद, पर्सनल ला बोर्ड के स्टेट कन्वीनर मौलाना रिसालुद्दीन हक्कानी, मौलाना अब्बास, मौलाना अकबर, मौलाना मासरूम, मौलाना इस्तखार, मौलाना इरशाद, मौलाना अब्दुल रज्जाक, मुफ्ती वसीउल्लाह, मौलाना सलीम आदि मौजूद रहे।

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