ढाई लाख की भारतीय मुद्रा के साथ नेपाल बॉर्डर से दो युवक गिरफ्तार, नहीं मिला कोई दस्तावेज़
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उत्तराखंड के चंपावत में शारदा बैराज चौकी पुलिस ने नेपाली नागरिक को दो लाख साठ हजार रुपये (भारतीय करेंसी) के साथ पकड़ा है। वह भारतीय मुद्रा के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाया और न ही दस्तावेज दिखा पाया। पुलिस ने उसे करेंसी समेत कस्टम के सुपुर्द कर दिया।
शारदा बैराज चौकी प्रभारी गोविंद सिंह बिष्ट, कां. जीवन चंद, जाकिर आदि बैराज पर सघन चेकिंग अभियान पर थे। इसी बीच भारत से नेपाल पैदल जा रहे नेपाली नागरिक को पुलिस ने पूछताछ के लिए रोका। शक होने पर पुलिस ने सामान की तलाशी तो उसके पास से दो हजार के 23 और पांच सौ के 428 नोट बरामद हुए।
भारत से नेपाल पांच सौ और 2000 के नोट ले जाना प्रतिबंधित है। चौकी प्रभारी ने बताया कि नेपाली नागरिक डांग जिला निवासी कमान सिंह को पकड़ी गई भारतीय मुद्रा के साथ कस्टम के सुपुर्द कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि पूछताछ में नेपाली नागरिक अपने पास मिले पैसों के संबंध में पर्याप्त समय दिए जाने तक कोई दस्तावेज आदि नहीं दिखा पाया न ही पैसों के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी ही दे पाया। बैराज चौकी प्रभारी ने बताया कि नेपाली नागरिक के पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई, रकम चोरी की तो नहीं है आदि के संबंध में जांच की जा रही है।
भारी मात्रा में आयुर्वेदिक दवाइयों के साथ धरे गए चार नेपाली
हल्द्वानी से आयुर्वेदिक दवाइयां खरीदकर नेपाल ले जा रहे चार नेपाली युवकों को सीमा पर एसएसबी ने धर दबोचा। उन्हें कस्टम विभाग के सुपुर्द कर दिया गया। बरामद दवाई की कीमत दो लाख रुपये आंकी गई है।
मंगलवार देर शाम चार युवक बैग लेकर टनकपुर बैराज से नेपाल जा रहे थे। बैराज पर तैनात एसएसबी के सहायक उप निरीक्षक निहाल सिंह के नेतृत्व में जवानों ने उन्हें चेकिंग के लिए रोका। तलाशी लेने पर उनके बैग से एक आयुर्वेदिक कंपनी की बड़ी मात्रा में दवाइयां मिलीं।
बीओपी इंचार्ज रविंद्र कुमार ने बताया कि पूछने पर युवकों ने बताया कि बरामद दवाइयां उन्हें हल्द्वानी में एक आयुर्वेदिक कंपनी का मार्केटिंग सदस्य बनने पर खरीदनी पड़ीं, जिसे वे अपने घर (नेपाल) ले जा रहे हैं। वहां एमआरपी पर बेचेंगे।
पकड़े गए युवकों में नेपाल के जिला लमजंग के सीसहार गांव निवासी राम कुमार गुरुंग पुत्र पदम बहादुर गुरुंग, जिला धनुसा के चुरई सिद्वहली निवासी राम कुमार खड़का पुत्र बहादुर खड़का, जिला दोखला के मालू गांव निवासी राम कुमार श्रेष्णा पुत्र नारायण बहादुर श्रेष्ठा और चितवन जिले के भरतपुर निवासी प्रहलाद पाठक पुत्र शंभु पाठक हैं। बीओपी इंचार्ज ने बताया कि पकड़े गए चारों युवकों और बरामद दवाइयों को खटीमा कस्टम विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है। बरामद दवाई की कीमत करीब दो लाख रुपये आंकी गई है।