पुश्ता निर्माण के दौरान मिट्टी की ढांग गिरने से दो मजदूरों की मौत, छह घंटे रेस्क्यू कर निकाले शव
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कुल्हाण गांव में पुश्ता निर्माण के दौरान मिट्टी की ढांग के नीचे दबने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीसरे को बचा लिया गया। एसडीआरएफ और पुलिस टीम छह घंटे के रेस्क्यू के बाद दोनों शवों को निकाल सकी।
पहले से ही ढांग गिरने का अंदेशा था, इसी से बचने को पुश्ता निर्माण कार्य किया जा रहा था। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए जाएंगे।
हादसा राजपुर थाना क्षेत्र के कुल्हाण गांव में मंगलवार दोपहर हुआ।
मिट्टी की ढांग के बीचोबीच मकान बना होने के कारण गृह मालकिन समचू डोलाम पुश्तें का निर्माण करा रही थीं। ढांग के गिरने से मकान क्षतिग्रस्त होने का अंदेशा था। पुश्ता निर्माण का मंगलवार को तीसरा दिन था।
दोपहर पौने एक बजे के करीब अचानक मिट्टी की ढांग भरभराकर नीचे आ गई। जिससे वहां काम कर रहे तीनों मजदूर मिट्टी के नीचे दब गए। शोर-शराबा हुआ तो आसपास के लोग आ गए। उनकी सूचना पर पहुंची एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिए।
काशी मेहतो निवासी गोखुला बिहार को तो सकुशल निकाल लिया गया, जबकि दम घुटने से राजेश्वर गिरी निवासी बेतिया बिहार (हाल सहस्त्रधारा रोड) और नंदलाल निवासी शिवराजपुर बिहार (हाल कृष्णा मंदिर) की मौत हो गई।
पहला शव तो ढाई बजे के करीब निकल गया, जबकि दूसरा शव शाम साढे़ छह बजे के करीब निकला जा सका। एसपी सिटी प्रदीप राय और सीओ मसूरी ने भी मौके पर पहुंचकर राहत बचाव कार्यों की समीक्षा की।
छह घंटे के रेस्क्यू के बाद दोनों मजदूरों के शवों को निकाला जा सका है। पहले से ही मिट्टी के ढांग गिरने की आशंका थी। पुश्ता निर्माण कराते समय सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी, इसी कारण यह हादसा हुआ।
प्रदीप राय, एसपी सिटी