20 मई को खुलेंगे तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट, सीमित संख्या में शामिल होंगे श्रद्धालु
- 19 को मक्कूमठ से धाम प्रस्थान करेगी डोली
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तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाटोद्घाटन में भी सीमित संख्या में ही श्रद्धालु शामिल होंगे। धाम के कपाट 20 मई को खोल दिए जाएंगे। इससे ठीक एक दिन पहले 19 मई के बाबा तुंगनाथ की डोली शीतकालीन गद्दीस्थल मार्कंडेय मंदिर, मक्कूमठ से धाम के लिए प्रस्थान करेगी। रात्रि प्रवास चोपता में होगा।
18 मई को पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान तुंगनाथ की भोगमूर्ति को मार्कंडेय मंदिर के गर्भगृह से बाहर निकाला जाएगा। धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए भोगमूर्ति को चल उत्सव विग्रह डोली में विराजमान किया जाएगा। इसके बाद डोली को रात्रि प्रवास के लिए भूतनाथ मंदिर लाया जाएगा।
जहां ग्रामीण तृतीय केदार को नए अनाज का भोग लगाएंगे। डोली 20 मई को अपने धाम पहुंचेगी। मठापति राम प्रसाद मैठाणी व प्रबंधक प्रकाश पुरोहित ने बताया कि कपाटोद्घाटन का समय कर्क लग्न में सुबह साढ़े 11 बजे निर्धारित किया गया है। बताया कि शासन के निर्देशानुसार डोली यात्रा में भी सीमित लोग ही शामिल हो पाएंगे।
गोपीनाथ मंदिर परिसर में विराजमान हुई रुद्रनाथ की डोली
चतुर्थ केदार रुद्रनाथ भगवान के कपाट खोलने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को यज्ञ, हवन के बाद विधि-विधान से गोपीनाथ मंदिर के गर्भगृह से भगवान रुद्रनाथ की प्रतिमा को मंदिर परिसर में डोली में विराजमान किया गया। रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 18 मई को ब्रह्ममुहुर्त में खुलेंगे।
15 मई को देव डोली मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखी जाएगी। 16 को डोली ग्वाड़ गांव होते हुए रात्रि प्रवास के लिए पनार बुग्याल पहुंचेगी। 17 को पनार बुग्याल से डोली देर शाम रुद्रनाथ मंदिर पहुंचेगी और 18 को सुबह छह बजे रुद्रनाथ मंदिर के कपाट खुल जाएंगे। लॉकडाउन को देखते हुए एसडीएम बुसरा अंसारी ने मुख्य पुजारी आचार्य वेदप्रकाश भट्ट, डा. अरविंद भट्ट समेत 20 लोगों को रुद्रनाथ मंदिर जाने की अनुमति दी है।