फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   trouble for congress to find candidate on rebel mla seat.

बागियों का मजबूत विकल्प ढूढ़ना कांग्रेस की चुनौती

Fri, 20 May 2016 03:09 AM IST
बिशन सिंह बोरा/अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 20 May 2016 03:09 AM IST
विज्ञापन
trouble for congress to find candidate on rebel mla seat.
कांग्रेस के बागी अब भाजपा में हैं। - फोटो : पीटीआई

नौ बागी विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद इन सीटों पर मजबूत प्रत्याशी तलाशना कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती होगी। कांग्रेस भले ही दावा कर रही है कि बागी विधायकों के भाजपा में शामिल होने से पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन हकीकत यह है कि खाली हुई इन सीटों पर पार्टी के पास कोई बड़ा नाम नहीं है।

विज्ञापन


84041 से अधिक मतदाताओं वाली रुद्रप्रयाग सीट पर हरक सिंह रावत ने पिछले चुनाव में अपने रिश्तेदार और पूर्व कैबिनेट मंत्री मातबर सिंह कंडारी को 1326 मतों से शिकस्त दी थी। जबकि, कंडारी उत्तर प्रदेश के समय से लगातार चुनाव जीतते आ रहे थे। इस सीट के लिए अब कांग्रेस से भरत चौधरी एवं कुछ अन्य दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं।
विज्ञापन


वहीं, 2012 में बनी नई सीट रायपुर पर उमेश शर्मा ने कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी। उनके बागी होने के बाद क्षेत्र में कांग्रेस महानगर अध्यक्ष पृथ्वीराज चौहान की सक्रियता बढ़ गई है। वहीं प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आरपी रतूड़ी भी इस सीट से दावेदारी कर रहे हैं, जबकि जिला पंचायत सदस्य हेमा पुरोहित सहित कुछ अन्य कार्यकर्ता भी दावा कर सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

कांग्रेस के इन धुरंधरों का विकल्प कहां से लाएगी कांग्रेस

trouble for congress to find candidate on rebel mla seat.
हरक सिंह रावत - फोटो : पीटीआई

केदारनाथ सीट से भाजपा की आशा नौटियाल 2012 से पहले लगातार दो बार की विधायक रहीं। 2012 में कांग्रेस की शैलारानी रावत उन्हें 2328 मतों से हराकर विधान सभा पहुंची थीं, लेकिन अब वे भी भाजपाई हो चुकी हैं। इनके अलावा खानपुर में कुंवर प्रणव चैंपियन, रुड़की में प्रदीप बत्रा, रामनगर में अमृता रावत, जसपुर में शलेंद्र मोहन सिंघल, सितारगंज में विजय बहुगुणा और नरेंद्र नगर में सुबोध उनियाल का मजबूत विकल्प भी कांग्रेस को तलाशना होगा।

बागी विधायकों के कांग्रेस में जाने से भाजपा की पोल खुल चुकी है। भाजपा अब तक कहती आ रही थी कि बागी विधायकों से उसका कोई लेना देना नहीं है। इन सीटों के लिए कांग्रेस के पास प्रत्याशियों की कमी नहीं है।
-आरपी रतूड़ी, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता

इस बार जमकर होगा भीतरघात
बागी विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी में खलबली मची हुई है। बागी विधायकों की सीटों पर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का सपना देख रहे नेताओं बेचैनी का आलम है। टिकट न मिलने पर पार्टी को इन नेताओं की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। वहीं, इन विधायकों के समर्थक अब भी कांग्रेस में जमे हुए हैं। ऐसे में कांग्रेस में भी भीतरघात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed