उत्तराखंड: त्रिवेंद्र सरकार के एक साल पूरे होने पर प्रदेशवासियों के मिला ये तोहफा
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने का संकल्प दोहराया है। उन्होंने भ्रष्टाचार के खात्मे को लोगों से भी सहयोग की अपेक्षा की है। साथ ही दावा किया कि प्रदेश में एक वर्ष के भीतर संस्थागत भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है।
परेड ग्राउंड पर रविवार को सरकार का एक साल पूरा होने के मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कैंसर रोगियों और हृदय रोगियों के लिए एक माह के भीतर मॉडल लैब स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि एक वर्ष के भीतर प्रदेश की सड़कों के दुर्घटना संभावित क्षेत्र (ब्लैक स्पॉट) ठीक कर दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अप्रैल तक 108 सेवा की 111 अतिरिक्त एंबुलेंस आ जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद्य सामग्री की जांच के लिए मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने इन सचल वाहनों को भी झंडी दिखाकर रवाना किया।
परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पिछले एक वर्ष में उनकी सरकार द्वारा प्रदेश हित में लिए गए निर्णयों व कार्यों की जानकारी जनता को दी और सरकार के गुड गवर्नेंस मॉडल को प्रस्तुत किया।
लगभग 20 मिनट के संबोधन में मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात दृढ़ता के साथ दोहराई। उन्होंने ग्राम्य विकास, महिला सशक्तीकरण, चिकित्सा, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था, सूचना प्रौद्योगिकी, जल संरक्षण, विद्युतीकरण, शिक्षा, स्वच्छता, समाज कल्याण जैसे सभी महत्वपूर्ण सेक्टरों में पिछले एक वर्ष में किए गए कार्यों की जानकारी दी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास के अपने विजन को भी साझा किया।
उन्होंने कहा कि उन्होंने उत्तराखंड को विकसित, पारदर्शी व भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने का जो वादा जनता से किया था, उसके परिणाम सामने हैं। पांच वर्षों की तुलना में प्रदेश में इस एक वर्ष की अवधि में अपराध, हत्या, मृत्यु की घटनाओं में कमी आई है। कंपलशिव करप्शन दूर करने के लिए अपराधों की विवेचना एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए पुलिस को अलग से विशेष फंड दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आर्थिक अनुशासन मितव्ययता व सुशासन के बल पर नया उत्तराखंड बनाएंगे। कहा कि पलायन बड़ी समस्या है। इसके लिए गठित पलायन आयोग ने सभी गांवों का सर्वे किया है। उसकी रिपोर्ट 15 अप्रैल को आएगी। स्वास्थ, शिक्षा, सड़क, बिजली, पर्यटन, कृषि, बागवानी, सहकारिता और स्वरोजगार से संबंधित योजनाओं की पहुंच ग्रामीण क्षेत्रों तक सुनिश्चित हो, इसके लिए प्रभावी पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी नगर पालिकाओं व नगर निकायों को भी खुले में शौच से मुक्ति मिल गई है। इस प्रकार आज उत्तराखंड देश में पूर्ण रूप से ओडीएफ होने वाला पहला राज्य बन गया है।
जनता की समस्याओं का समाधान समय पर हो और सरकार के कार्यों में तेजी व पारदर्शिता दिखाई दे, इसके लिए सीएम डैशबोर्ड, बायोमीट्रिक एंट्री सिस्टम, समाधान पोर्टल, सेवा का अधिकार लगभग सभी जन उपयोगी सेवाओं को जोड़ा गया है। सीएम ने यह भी कहा कि आर्थिक अनुशासन का ही प्रतिफल है कि आज परिवहन विभाग में 28 प्रतिशत आय में वृद्धि हुई है। प्रदेश में किसानों के हित में 2 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण दिया जा रहा है।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा, सांसद मेजर जनरल (से.नि.) भुवन चंद्र खंडू़ड़ी, भगत सिंह कोश्यारी माला राज्य लक्ष्मी शाह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने भी अपने संबोधन में प्रदेश सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल की सराहना की। इसकेे अलावा, कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत, सतपाल महाराज, मदन कौशिक, अरविंद पांडेय, सुबोध उनियाल, यशपाल आर्य, राज्यमंत्री डॉ. धनसिंह रावत और रेखा आर्या के अलावा मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी सहित विधायक, जनप्रतिनिधि एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।