मोदी के बाद हरीश रावत को इनसे मिली तगड़ी चुनौती
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भाजपा के राष्ट्रीय सचिव त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री हरीश के राजनीतिक कौशल पर सवाल खड़े करते हुए उन्हें ललकारा।
उन्होंने कहा कि हरीश जिस संसदीय सीट से पांच साल एमपी व केंद्रीय मंत्री रहे वहां से विस का उप-चुनाव लड़ने से क्यों बच रहे हैं। हिम्मत है तो डोईवाला विस सीट से चुनाव लड़ें वर्ना सीएम की कुर्सी खाली करें।
प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में पूर्व मंत्री व भाजपा के राष्ट्रीय सचिव त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में लंगड़ी लूली सरकार है, इससे जनता का भला नहीं होगा।
अपने क्षेत्र से भाग रहे हैं हरीश
उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम निशंक के हरिद्वार से सांसद चुने जाने के बाद डोईवाला विधानसभा सीट खाली हो रही है। अभी तक मुख्यमंत्री इसी क्षेत्र से सांसद थे। अब 31 जुलाई तक हरीश को विधायक बनना है।
त्रिवेंद्र ने कहा कि जब डोईवाला सीट रिक्त हो रही है तो मुख्यमंत्री धारचूला क्यों भाग रहे हैं। जबकि पिछले पांच साल से यह उनका राजनीतिक क्षेत्र है।
त्रिवेंद्र ने कहा कि हरीश सरकार को इस बाबत श्वेत पत्र जारी करना चाहिए कि आपदा की मद में केंद्र से कितना पैसा मिला, कितना कहां खर्च हुआ।
'जनता ने हरीश को बना दिया हारदा'
त्रिवेंद्र ने कहा कि केंद्र से मिली आपदा की धनराशि को आवंटित करने में धांधली हुई है, स्वतंत्र एजेंसी से इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में जनता ने हरीश का अहंकार तोड़ा है।
हरीश कहते थे कि प्रदेश में कोई मोदी लहर नहीं यहां तो सिर्फ हरदा (हरीश) है, लेकिन जनता ने हरदा को हारदा बना दिया। इतनी बुरी गत के बाद अब हरीश को सिंहासन छोड़कर चले जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार पूर्ण बहुमत वाली गैर कांग्रेसी सरकार केंद्र में बनने वाली है, मोदी की अगुवाई में देश में स्वच्छ राजनीति का युग शुरू हो रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में लैंसडोन विधायक दिलीप सिंह रावत, प्रदेश उपाध्यक्ष धनसिंह रावत, प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह बिष्ट, उमेश अग्रवाल मौजूद रहे।
पार्टी कहेगी तो चुनाव लडूंगा: त्रिवेंद्र
त्रिवेंद्र ने एक सवाल के जवाब में कहा कि यदि पार्टी कहेगी तो वह डोईवाला से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि परिसीमन के चलते उन्होंने डोईवाला से रायपुर शिफ्ट किया था। लेकिन राजनीतिक कारण होते रहते हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक डोईवाला से चुनाव लड़ना चाहते थे, मेरे द्वारा यह सीट छोड़ने की एक वजह यह भी थी। इसमें कोई बुराई नहीं है।
कहा सीट अभी भी भाजपा के पास है और उप-चुनाव में भी भाजपा ही जीतेगी, भले ही प्रत्याशी कोई भी हो।
‘छोटे मुंह बड़ी बात न करें त्रिवेंद्र'
उत्तराखंड कांग्रेस प्रवक्ता एवं दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री धीरेंद्र प्रताप ने भाजपा के राष्ट्रीय सचिव त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा मुख्यमंत्री हरीश रावत को डोईवाला से चुनाव लड़ने की चुनौती के बयान को ओछा और बचकाना’ बता इसे ‘छोटे मुंह बड़ी बात़’ की संज्ञा दी है।
उन्होंने कहा कि भाजपा में कमाल है, हर छोटा नेता हो या बड़ा, सब पहलवानी करते, उछलते नजर आ रहे हैं।
अभी मुख्यमंत्री ने किसी विधान सभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का ऐलान तो क्या फैसला भी नहीं किया है लेकिन भाजपा नेता बयान देकर चर्चाओं में बने रहना चाहते हैं।