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Dehradun News: उत्तराखंड में हर साल होगा जनजातीय विज्ञान महोत्सव

Sat, 16 Nov 2024 02:11 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 16 Nov 2024 02:11 AM IST
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Tribal Science Festival will be held every year in Uttarakhand
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II-कौलागढ़ रोड पर आयोजित आदि गौरव महोत्सव में सीएम ने की घोषणा
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I-महोत्सव के पहले दिन इंदर आर्या और रेशमा शाह ने बांधा समा
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Iदून के कौलागढ़ रोड स्थित ओएनजीसी स्टेडियम में रंगारंग कार्यक्रमों के साथ आदि गौरव महोत्सव का आगाज हो गया। महोत्सव के पहले दिन उत्तराखंड के आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक विरासत जीवंत हुई। यहां शाम की संध्या में लोक गायकों ने अपनी प्रस्तुति से महोत्सव में रंग जमा दिए। इस दौरान लोकगायक इंदर आर्या और रेशमा शाह ने लोकगीतों से समा बांधा। उनके गुलाबी शरारा, मेरो लहंगा, गलिया बिछुला, फुरकी निर्मला समेत कई गीतों पर दर्शक खूब थिरके। साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश में हर साल जनजातीय विज्ञान महोत्सव कराने की घोषणा की।
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Iशुक्रवार को राज्य जनजातीय शोध संस्थान (टीआरआई) की ओर से आयोजित इस तीन दिवसीय सांस्कृतिक एवं हस्तशिल्प प्रदर्शनी का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में जनजातीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा।
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Iइसके लिए हर साल जनजातीय विज्ञान महोत्सव आयोजित होगा। इसके लिए उत्तराखंड जनजातीय शोध संस्थान को धनराशि भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्य से आए जनजातीय समाज के लोगों से मिलकर उनकी संस्कृति को जाना।
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Iमुख्यमंत्री धामी ने बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कहा कि यह महोत्सव जनजातीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर एवं गैर जनजातीय समुदाय को भी जनजातीय समाज की कला एवं संस्कृति की विशेषताओं को बताने का काम करेगा।
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Iभारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में बिरसा मुंडा का योगदान अतुलनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा मुंडा के आंदोलन ने अन्य जनजातीय समुदायों को भी संगठित किया है और स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी करने की प्रेरणा दी है। वो एक महान समाज सुधारक थे। जनजातीय समाज भारत की मजबूत जड़ के समान है।
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Iइस मौके पर कैंट विधायक सविता कपूर, टीआरआई निदेशक एसएस टोलिया, समन्वयक राजीव कुमार सोलंकी, अतिरिक्त निदेशक योगेंद्र रावत, समाज कल्याण सचिव नीरज खैरवाल आदि मौजूद रहे।

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Iआदिवासी कलाकृतियों की लगा प्रदर्शनी
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Iमहोत्सव में तीन दिवसीय प्रदर्शनी का भी शुभारंभ हुआ। इस प्रदर्शनी में आदिवासी कलाकृतियों, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक प्रदर्शनों की एक शृंखला प्रदर्शित की जा रही है। महोत्सव कई आदिवासी सांस्कृतिक समूहों, जौनसारी, भोटिया, बुक्सा, थारू और राजी ने दर्शकों को मनमोहक प्रदर्शन से मंत्रमुग्ध किया। यह महोत्सव 17 नवंबर तक चलेगा।I
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