{"_id":"657802649d592151570ada24","slug":"training-program-for-school-students-organized-dehradun-news-c-5-1-drn1033-305632-2023-12-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: ‘विज्ञान और तकनीकी विकास में हो रहा तेजी से परिवर्तन’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: ‘विज्ञान और तकनीकी विकास में हो रहा तेजी से परिवर्तन’
विज्ञापन
Iयूसर्क में छात्रों के लिए आयोजित किया गया प्रशिक्षण कार्यक्रमI
उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा अनुसंधान केंद्र देहरादून (यूसर्क) की ओर से भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान (भारतीय कृषि एवं अनुसंधान परिषद, भारत सरकार) के संयुक्त तत्वावधान में स्कूली छात्रों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्रों से यूसर्क की निदेशक प्रोफेसर डॉ. अनीता रावत ने कहा, विज्ञान और तकनीकी विकास तेजी से परिवर्तित हो रहे हैं, इसलिए आज यह जरूरी हो गया है कि कौशल एवं गुणों के नए-नए आयामों को पहचाना जाए।
प्रो. अनीता रावत ने कहा, पर्यावरण विषय पर प्रशिक्षित युवा अपने कौशल विकास के साथ अपने कॅरिअर अच्छा कर सकते हैं। आज जरूरत शोध, नवाचार और उद्यमिता को केंद्रित किए जाने की है तभी वैश्विक स्तर पर सेवा, उद्योग या स्वरोजगार की स्पर्धा में आगे रहा जा सकता है। वैज्ञानिक डॉ. भवतोष शर्मा ने कहा, विश्व पहाड़ दिवस के अवसर पर इस प्रशिक्षण का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। उन्होंने बताया, इस साप्ताहिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य के विभिन्न जिलों के छह उच्च शिक्षण संस्थानों के स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध स्तर के चयनित 26 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इस मौके पर वैज्ञानिक डॉ. ओम प्रकाश नौटियाल, डॉ. एम मधु, डॉ. चरण सिंह, डॉ. रमा पाल, डाॅ. अभिमन्यु झाझडीया, डॉ. मंजू सुंदरियाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा अनुसंधान केंद्र देहरादून (यूसर्क) की ओर से भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान (भारतीय कृषि एवं अनुसंधान परिषद, भारत सरकार) के संयुक्त तत्वावधान में स्कूली छात्रों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्रों से यूसर्क की निदेशक प्रोफेसर डॉ. अनीता रावत ने कहा, विज्ञान और तकनीकी विकास तेजी से परिवर्तित हो रहे हैं, इसलिए आज यह जरूरी हो गया है कि कौशल एवं गुणों के नए-नए आयामों को पहचाना जाए।
प्रो. अनीता रावत ने कहा, पर्यावरण विषय पर प्रशिक्षित युवा अपने कौशल विकास के साथ अपने कॅरिअर अच्छा कर सकते हैं। आज जरूरत शोध, नवाचार और उद्यमिता को केंद्रित किए जाने की है तभी वैश्विक स्तर पर सेवा, उद्योग या स्वरोजगार की स्पर्धा में आगे रहा जा सकता है। वैज्ञानिक डॉ. भवतोष शर्मा ने कहा, विश्व पहाड़ दिवस के अवसर पर इस प्रशिक्षण का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। उन्होंने बताया, इस साप्ताहिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य के विभिन्न जिलों के छह उच्च शिक्षण संस्थानों के स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध स्तर के चयनित 26 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इस मौके पर वैज्ञानिक डॉ. ओम प्रकाश नौटियाल, डॉ. एम मधु, डॉ. चरण सिंह, डॉ. रमा पाल, डाॅ. अभिमन्यु झाझडीया, डॉ. मंजू सुंदरियाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन