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Dehradun News: फर्जी खाद्य सुरक्षा अधिकारी बन उगाही कर रहे सिरमौर के तीन युवक गिरफ्तार
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फर्जी खाद्य सुरक्षा अधिकारी बन उगाही कर रहे सिरमौर के तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने हरबर्टपुर में पांवटा रोड पर एक डेयरी में जांच कर पनीर और क्रीम को नकली बताकर 20 हजार रुपये की मांग की थी। डेयरी संचालक ने वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी को फोन किया तो पता चला कि तीनों फर्जी खाद्य सुरक्षा अधिकारी हैं। इसके बाद डेयरी संचालक ने एक ढाबा संचालक के साथ मिलकर तीनों को पकड़ा और पुलिस को सौंप दिया।
बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे तीन लोग कार से पावंटा रोड स्थित पाल डेयरी में पहुंचे। वहां आरोपियों ने डेयरी संचालक सोम सिंह को चारधाम यात्रा में खाद्य पदार्थों की जांच के लिए गठित विशेष टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी बताया। तीनों ने डेयरी में पोटैशियम परमैगनेट डालकर पनीर और क्रीम की जांच की और उसे नकली बताया। इस पर डेयरी संचालक ने कहा कि वह नकली पनीर और क्रीम नहीं बनाते हैं। बताया कि पहले भी डेयरी से पनीर, दूध और मावे के नमूने लिए गए हैं। इसके बाद तीनों ने कहा कि डेयरी में गंदगी बहुत है। इसे बंद करवा दिया जाएगा। उन्होंने डेयरी संचालक से कार्रवाई का भय दिखाकर 20 हजार की मांग की। पैसे नहीं देने पर जबरन साढ़े तीन हजार रुपये ले गए।
कुछ देर बाद डेयरी संचालक ने वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय तिवारी को फोन किया। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने डेयरी संचालक को बताया कि ऐसी किसी टीम का गठन नहीं किया गया है। बताया कि तीनों लोग फर्जी अधिकारी हैं। इसके बाद डेयरी संचालक ने लक्खनवाला तक आरोपियों का पीछा गया। तीनों आरोपी अमित ढाबा में नमूने लेने के लिए ढाबे के मालिक को धमका रहे थे। डेयरी संचालक, ढाबा मालिक समेत तीन लोगों ने तीनों फर्जी अधिकारियों को पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों को चौकी ले आई। कोतवाली प्रभारी विनोद गुसाईं ने बताया कि चौकी में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय तिवारी और रमेश सिंह भी पहुंचे। तीनों आरोपियों ने अपना नाम हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के माजरा थाना क्षेत्र के कोलर गांव निवासी अमन, धीरज और विनोद बताया। कोतवाली प्रभारी ने बताया तीनों खिलाफ लोक सेवा का भेष धारण कर सार्वजनिक पद होने का दिखावा करना, जबरन वसूली आदि संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बताया कि आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे तीन लोग कार से पावंटा रोड स्थित पाल डेयरी में पहुंचे। वहां आरोपियों ने डेयरी संचालक सोम सिंह को चारधाम यात्रा में खाद्य पदार्थों की जांच के लिए गठित विशेष टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी बताया। तीनों ने डेयरी में पोटैशियम परमैगनेट डालकर पनीर और क्रीम की जांच की और उसे नकली बताया। इस पर डेयरी संचालक ने कहा कि वह नकली पनीर और क्रीम नहीं बनाते हैं। बताया कि पहले भी डेयरी से पनीर, दूध और मावे के नमूने लिए गए हैं। इसके बाद तीनों ने कहा कि डेयरी में गंदगी बहुत है। इसे बंद करवा दिया जाएगा। उन्होंने डेयरी संचालक से कार्रवाई का भय दिखाकर 20 हजार की मांग की। पैसे नहीं देने पर जबरन साढ़े तीन हजार रुपये ले गए।
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कुछ देर बाद डेयरी संचालक ने वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय तिवारी को फोन किया। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने डेयरी संचालक को बताया कि ऐसी किसी टीम का गठन नहीं किया गया है। बताया कि तीनों लोग फर्जी अधिकारी हैं। इसके बाद डेयरी संचालक ने लक्खनवाला तक आरोपियों का पीछा गया। तीनों आरोपी अमित ढाबा में नमूने लेने के लिए ढाबे के मालिक को धमका रहे थे। डेयरी संचालक, ढाबा मालिक समेत तीन लोगों ने तीनों फर्जी अधिकारियों को पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों को चौकी ले आई। कोतवाली प्रभारी विनोद गुसाईं ने बताया कि चौकी में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय तिवारी और रमेश सिंह भी पहुंचे। तीनों आरोपियों ने अपना नाम हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के माजरा थाना क्षेत्र के कोलर गांव निवासी अमन, धीरज और विनोद बताया। कोतवाली प्रभारी ने बताया तीनों खिलाफ लोक सेवा का भेष धारण कर सार्वजनिक पद होने का दिखावा करना, जबरन वसूली आदि संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बताया कि आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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