{"_id":"615caaaf8ebc3ef8d81d7e4c","slug":"three-more-dengue-patients-found-in-the-district-city-news-drn39254167","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में डेंगू के तीन और मरीज मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में डेंगू के तीन और मरीज मिले
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में तीन और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इससे जिले में मरीजों की संख्या 44 पहुंच गई है। तीनों मरीजों का अलग अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है।
जिला मलेरिया अधिकारी सुभाष जोशी के मुताबिक तीनों मरीजों के खून के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। इससे जिले में डेंगू से पीड़ित मरीजों का आंकड़ा 44 पहुंच गया है। सुकून देने वाली बात यह है कि अभी स्थिति नियंत्रण में है। वहीं, जिला मलेरिया अधिकारी सुभाष जोशी का कहना है कि डेंगू तेजी से न फैल पाए इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम प्रशासन की ओर से तमाम एहतियाती कदम उठाए गए हैं। जिन इलाकों में डेेंगू के मरीज मिले हैं, वहां दवाओं का छिड़काव करने के साथ ही लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
----
दून, गांधी शताब्दी व कोरोनेशन में खोले गए आइसालेशन वार्ड
मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि डेंगू मरीजों के इलाज के लिए विभाग की ओर से सारे इंतजाम किए गए हैं। दून अस्पताल, गांधी शताब्दी और कोरोनेशन जैसे सरकारी अस्पतालों के अलावा सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आइसोलेशन वार्ड के साथ ही बेड की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। पर्याप्त मात्रा में अस्पतालों को दवाइयां भी मुहैया कराई गई हैं। साथ ही सभी सरकारी और निजी अस्पतालों के चिकित्साधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि डेंगू संक्रमण का कोई भी मामला आने पर इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को मुहैया कराएं।
विज्ञापन
----
डेंगू के लक्षण
- डेंगू संक्रमित व्यक्ति को तेज बुखार के साथ हाथ पैरों में तेज दर्द होता है।
- मरीज को भूख नहीं लगती।
- जी मिचलाने के साथ ही उल्टी व दस्त होने लगते हैं।
- आंखों और सिर में दर्द होता है।
- स्थिति गंभीर होने की स्थिति में शरीर पर लाल चकते निकल आते हैं। कई बार नाक से खून आने लगता है।
----
ऐसे करें बचाव
- घर के आसपास नालियों में पानी जमा न होने दें।
- घर की छत पर यदि कूड़ा करकट है तो तत्काल सफाई करें।
- घर में रखे कूलर में यदि पानी है तो उसे साफ कर दें।
- घरों के आसपास गंदगी न होने दें।
- नालियों में जला हुआ मोबिल आयल डाल दें।
- सुबह-शाम पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- बुखार के साथ ही सिर और बदन दर्द हो तो चिकित्सक से जांच कराएं।
विज्ञापन
जिला मलेरिया अधिकारी सुभाष जोशी के मुताबिक तीनों मरीजों के खून के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। इससे जिले में डेंगू से पीड़ित मरीजों का आंकड़ा 44 पहुंच गया है। सुकून देने वाली बात यह है कि अभी स्थिति नियंत्रण में है। वहीं, जिला मलेरिया अधिकारी सुभाष जोशी का कहना है कि डेंगू तेजी से न फैल पाए इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम प्रशासन की ओर से तमाम एहतियाती कदम उठाए गए हैं। जिन इलाकों में डेेंगू के मरीज मिले हैं, वहां दवाओं का छिड़काव करने के साथ ही लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
विज्ञापन
----
दून, गांधी शताब्दी व कोरोनेशन में खोले गए आइसालेशन वार्ड
मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि डेंगू मरीजों के इलाज के लिए विभाग की ओर से सारे इंतजाम किए गए हैं। दून अस्पताल, गांधी शताब्दी और कोरोनेशन जैसे सरकारी अस्पतालों के अलावा सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आइसोलेशन वार्ड के साथ ही बेड की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। पर्याप्त मात्रा में अस्पतालों को दवाइयां भी मुहैया कराई गई हैं। साथ ही सभी सरकारी और निजी अस्पतालों के चिकित्साधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि डेंगू संक्रमण का कोई भी मामला आने पर इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को मुहैया कराएं।
विज्ञापन
----
डेंगू के लक्षण
- डेंगू संक्रमित व्यक्ति को तेज बुखार के साथ हाथ पैरों में तेज दर्द होता है।
- मरीज को भूख नहीं लगती।
- जी मिचलाने के साथ ही उल्टी व दस्त होने लगते हैं।
- आंखों और सिर में दर्द होता है।
- स्थिति गंभीर होने की स्थिति में शरीर पर लाल चकते निकल आते हैं। कई बार नाक से खून आने लगता है।
----
ऐसे करें बचाव
- घर के आसपास नालियों में पानी जमा न होने दें।
- घर की छत पर यदि कूड़ा करकट है तो तत्काल सफाई करें।
- घर में रखे कूलर में यदि पानी है तो उसे साफ कर दें।
- घरों के आसपास गंदगी न होने दें।
- नालियों में जला हुआ मोबिल आयल डाल दें।
- सुबह-शाम पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- बुखार के साथ ही सिर और बदन दर्द हो तो चिकित्सक से जांच कराएं।