उत्तराखंड: बारिश के कहर ने ली तीन की जान, एक युवक बहा
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बरसाती पानी ने सोमवार को हरिद्वार में तीन लोगों की जान ले ली। जबकि रतमऊ नदी में आ रही लकड़ियां पकड़ने गया एक युवक तेज बहाव की चपेट में आने से लापता हो गया। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चल पाया। वहीं, लक्सर में बाढ़ के पानी में डूबने से ढाई साल के बच्चे और एक युवक की मौत हो गई। जबकि रुड़की में पानी से भरे गड्ढे में गिरने से एक युवक डूब गया। इस बीच रविवार को शिव विहार कॉलोनी में बारिश के पानी में बहे दोनों युवकों के शव सोमवार को बरामद कर लिए गए।
लगातार बारिश का सिलसिला थमने से सोमवार को पहाड़ के तमाम हिस्सों में कुछ राहत तो मिली, लेकिन मुश्किलें अब भी कम नहीं हुई हैं। बदरीनाथ हाईवे सुबह नौ बजे वाहनों की आवाजाही के लिए खुलने के बाद शाम चार बजे पुन: मलबा आने से अवरुद्ध हो गया।
पौड़ी जिले के थलीसैंण ब्लाक के कंडारस्यूं पट्टी के खंडमल्ला गांव के पास किसोड़ा गदेरे में उफान आने से मैक्स पलट गई। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। चालक समेत चार लोग बाल-बाल बच गए। देवप्रयाग क्षेत्र के भरपूर पट्टी के पड़ाली गांव में बारिश से एक आवासीय मकान ढहने से घर के अंदर मौजूद बुजुर्ग महिला को ग्रामीणों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सकुशल बाहर निकाला।
खड्ड में डूबा ढाई साल का बच्चा
हरिद्वार के बहादराबाद में जीसान (18) पुत्र मेहरबान निवासी बढेड़ी राजपूतान सोमवार सुबह अपने साथी सावेज, मोहब्बत, वहाब के साथ रतमऊ नदी में बहकर आ रही लकड़ियां पकड़ने गया था। भारी भरकम लकड़ी दिखने पर वह नदी के अंदर चला गया। इसी बीच तेज बहाव की चपेट में आकर वह लापता हो गया।
साथियों की सूचना पर मौके पर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने घंटों जीसान की खोजबीन की। पुलिस ने भी तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कहीं पता नहीं चल पाया। उधर, रुड़की के लक्सर में बाढ़ के पानी में डूबने से ढाई साल के बच्चे और एक युवक की मौत हो गई।
रायपुर गांव में जाहिर के घर के पास खड्ड में पथरी नदी का पानी जमा था। सोमवार को उसका ढाई साल का बेटा सुल्तान वहां खेल रहा था। इसी दौरान वह पानी में गिर गया। ग्रामीणों की नजर पड़ी तो उन्होंने शोर मचाया। मौके पर पहुंचे परिजनों ने आनन-फानन में सुल्तान को पानी से बाहर निकाला और अस्पताल ले गए। लेकिन डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि उपजिलाधिकारी को मामले की सूचना कई बार दी गई। लेकिन प्रशासन का कोई अधिकारी गांव में नहीं पहुंचा।
आंगन के पानी में पड़ा मिला युवक, मौत
लक्सर के ही शिवपुरी मोहल्ले में सोलानी नदी के पानी से नरेंद्र सिंघल के घर का आंगन लबालब था। सुबह करीब दस बजे गली से गुजर रहे लोगों ने नरेंद्र सिंघल के बेटे हिमांशु (24) को आंगन में भरे पानी में पड़ा देखा। परिजनों की मदद से हिमांशु को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
नरेंद्र सिंघल ने बताया कि हिमांशु को दौरा पड़ने की बीमारी थी। संभवत: इसी वजह से वह पानी में गिर गया होगा और दम घुटने से उसकी मौत हो गई होगी। उधर, कोतवाली रुड़की के समीप स्थित संत कॉलोनी में रहने वाले विशाल पुत्र राधेश्याम (32) की मां इंदु पास के ही नर्सिंग होम में काम करती है।
सोमवार शाम वह अपनी मां से मिलने पैदल नर्सिंग होम गया था। लौटते समय घर के बाहर उसका पैर फिसल गया और पानी से भरे गड्ढे में गिर गया। आसपास के लोग उसे बाहर निकाल कर अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बदरीनाथ हाईवे बंद, कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बाधित
उधर, पहाड़ पर बारिश थमने के बाद बदरीनाथ हाईवे सोमवार को सुबह नौ बजे वाहनों की आवाजाही के लिए खुला, लेकिन शाम चार बजे पुन: मलबा आने से अवरुद्ध हो गया। टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे कुम्हारखेड़ा बाईपास पर दूसरे दिन भी बंद रहा।
उत्तरकाशी में सोमवार सुबह यमुनोत्री हाईवे धरासू बैंड से ब्रह्मखाल की ओर फेड़ी के पास भारी भूस्खलन से अवरुद्ध हो गया। जहां दोपहर बाद यातायात बहाल होल पाया। धरासू बैंड से नालूपाणी के बीच रुक-रुक कर भूस्खलन सक्रिय रहने से गंगोत्री हाईवे पर भी यातायात प्रभावित हुआ। कुमाऊं में पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच पूरे 24 घंटे बाद सोमवार को अपराह्न एक बजे खुला।
सड़क पर मलबा आने से रविवार को बगड़ीहाट में फंसे रहे पांचवें दल के कैलास मानसरोवर यात्री सोमवार को जागेश्वर के लिए रवाना हुए। इस दल के सारे शेड्यूल को ही बदलना पड़ा। वापसी में यह दल आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय मिर्थी भी नहीं गया। आईटीबीपी के अधिकारी ही यात्रियों को उनके ग्रुप फोटोग्राफ देने ओगला पहुंचे। धारचूला से आगे कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग कई जगह बंद है।