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सालों बाद होली पर नहीं है किसी की बुरी नजर

Fri, 14 Mar 2014 07:47 PM IST
कौशल सिखोला/अमर उजाला, हरिद्वार
कौशल सिखोला/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Fri, 14 Mar 2014 07:47 PM IST
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this holi celebrate without fear

करीब 10 वर्ष बाद इस बार की होली भद्रा से मुक्त है। हर वर्ष भद्रा होलिका दहन को प्रभावित करती है। विशेष बात यह है कि सूर्य के नक्षत्र में सोमवार को रंग खेला जाएगा, जिसे बहुत शुभ माना गया है। होलिका दहन के लिए सायं 7:30 से 8 बजे तक का मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ है।

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नहीं रहेगा इस बार भद्रा
होलिका दहन प्रदोष काल में करना शुभ कार्य माना गया है। भद्रा काल शनिवार 15 मार्च को रात 9 बजे प्रारंभ होगा तथा 16 मार्च को प्रात: 10 बजे तक विद्यमान रहेगा। उसके बाद भद्रा नहीं है, अत: होलिका दहन किसी भी समय किया जा सकता है।
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ज्योतिषाचार्य डॉ प्रतीक मिश्रपुरी के अनुसार, सायं 7:30 से 8 बजे तक कन्या लग्न में दहन किया जाए तो अतिश्रेष्ठ है। वैसे किसी भी समय होली जलाई जा सकती है।

उत्तरा फाल्गुनी में होगा होलिका दहन
डॉ मिश्रपुरी के अनुसार, इस बार होलिका दहन सूर्य के नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी में होगा। सोमवार को रंग भी सूर्य के नक्षत्र में खेला जाएगा।

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होली पर्व सोमवार को पड़ने के कारण बेहद मंगलकारी है। ग्रहों के हिसाब से भी मौसम में परिवर्तन आ जाएगा। होलिका दहन की रात चंद्र दर्शन करना बहुत शुभ माना गया है।

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