फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   third party inspection in uttarakhand industries

उत्तराखंड प्रदेश बना देश में नजीर, थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन लागू

Thu, 07 Jul 2016 09:57 AM IST
संजय त्रिपाठी/ अमर उजाला, देहरादून
संजय त्रिपाठी/ अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 07 Jul 2016 09:57 AM IST
विज्ञापन
third party inspection in uttarakhand industries
- फोटो : demo pics

उत्तराखंड की औद्योगिक इकाइयों को अब अपने कारखानों में श्रम कानून के पालन संबंधी निरीक्षण के लिए श्रम विभाग के इंस्पेक्टरों की चिरौरी करने की जरूरत नहीं रहेगी।

विज्ञापन


राज्य में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे उद्यमी अपनी सुविधानुसार निरीक्षण की कार्रवाई संपन्न करा सकेंगे। श्रम विभाग ने इसके लिए तमाम निजी एजेंसियों को सूचीबद्ध किया है। यह कवायद केंद्र सरकार के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस योजना के तहत की गई है, जिसे इसी माह से लागू किया गया है।
विज्ञापन


इसके साथ ही उत्तराखंड ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य भी बन गया है। हालांकि यह व्यवस्था वैकल्पिक है, यदि कोई उद्यमी चाहे तो श्रम विभाग से भी निरीक्षण की सुविधा दी जाएगी। अभी तक राज्य के औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रम कानूनों के पालन संबंधी वार्षिक निरीक्षण अनिवार्य रूप से कराना होता था।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके लिए श्रम विभाग के पास मात्र दो निरीक्षक थे, जिससे राज्य के साढ़े तीन हजार कारखानों में निरीक्षण संभव नहीं होता था। इसे देखते हुए इस माह से पूरे प्रदेश में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन की व्यवस्था लागू की गई है।

निरीक्षण करवाकर रिपोर्ट ऑनलाइन ही जमा

third party inspection in uttarakhand industries
ऑनलाइन - फोटो : demo pic

श्रमायुक्त आनंद श्रीवास्तव ने बताया कि ईज आफ डूइंग बिजनेस व्यवस्था के तहत मौजूदा तंत्र में सुधार के मकसद से चार प्रमुख कंपनियों को सूचीबद्ध किया गया है। यदि कोई उद्यमी चाहे तो वह इन कंपनियों से निरीक्षण करवाकर रिपोर्ट ऑनलाइन ही जमा कर सकता है।

मौजूदा तंत्र में श्रम विभाग के पास मात्र दो निरीक्षक हैं, जो राज्य की साढ़े तीन हजार से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों में निरीक्षण कार्य नहीं कर पाते थे। ऐसे में श्रम कानूनों के उल्लंघन की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। नए इंतजाम के तहत उद्यमी इन एजेंसियों से सर्वे कराने के लिए स्वतंत्र होगा। यदि उसे आपत्ति है तो श्रम विभाग से भी निरीक्षण का विकल्प खुला है।

लो रिस्क फैक्ट्रियों को राहत
ऐसे औद्योगिक कारखाने जो श्रम विभाग द्वारा लो-रिस्क यानी कम खतरनाक हैं, उनके लिए खास सहूलियत दी गई है। नई सुविधा के तहत यदि बीते पांच साल में उनका रिकार्ड श्रम कानूनों को लेकर बेहतर रहा है तो वे खुद प्रमाण पत्र दे सकते हैं। इस दशा में निरीक्षण की भी आवश्यकता नहीं रहेगी। इस मामले में शिकायत मिलने पर विभाग अपने स्तर से निरीक्षण करेगा।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत तमाम सुधार किए जा रहे हैं। इस दिशा में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन की व्यवस्था लागू की गई है। इसमें विभाग द्वारा सूचीबद्ध निजी एजेंसियों से निरीक्षण करवाए जाने का विकल्प दिया गया है। उत्तराखंड देश में पहला राज्य है, जहां यह इंतजाम लागू किया गया है।
- मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव (एमएसएमई)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed