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एनसीसी में सिखाई एकता-अनुशासन को जीवन में उतारें : राज्यपाल
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- राज्यपाल ने गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वाले एनसीसी कैडेट्स को किया सम्मानित
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने गणतंत्र दिवस परेड में प्रतिभाग करने वाले उत्तराखंड के एनसीसी कैडेट्स को लोक भवन में आयोजित एक सम्मान समारोह में सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि एनसीसी में सिखाई गई एकता व अनुशासन को जीवन में उतारें।
इस वर्ष उत्तराखंड से कुल 172 एनसीसी कैडेट्स ने नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड व उससे जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में प्रतिभाग किया। परेड में उत्तराखंड की कैडेट मानसी विश्वकर्मा ने गर्ल कंटिन्जेंट की परेड कमांडर के रूप में नेतृत्व किया। इसके अतिरिक्त 28 जनवरी को दिल्ली कैंट स्थित करिअप्पा परेड ग्राउंड में आयोजित प्रधानमंत्री रैली में भी उत्तराखंड के एनसीसी कैडेट्स ने प्रतिभाग किया, जिसमें सीनियर अंडर ऑफिसर कैडेट उत्कर्ष शर्मा ने परेड कमांडर की भूमिका निभाई।
राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिविर एवं गणतंत्र दिवस परेड में प्रतिभाग करना आपके अनुशासन, कठिन परिश्रम और समर्पण का परिणाम है। इस प्रकार के प्रतिष्ठित आयोजन का हिस्सा बनना गर्व का विषय है। यह अनुभव जीवन भर की स्मृति बन जाता है। उन्होंने कहा कि इस अनुभव से प्राप्त सीख कैडेट्स को आत्मविश्वास के साथ देश और समाज के लिए कार्य करने की प्रेरणा देती है। एनसीसी में सिखाए जाने वाले एकता और अनुशासन के मूल मंत्र को जीवनभर अपनाने की आवश्यकता है।
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इसके साथ ही ड्रोन प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रक्षा मंत्री पदक से सम्मानित कैडेट प्रिंस सिंह राणा की उपलब्धि की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह भविष्य की युद्ध तकनीक, नवाचार और 21वीं सदी की सुरक्षा चुनौतियों के लिए युवाओं की तैयारी का उदाहरण है। राज्यपाल ने कहा कि आज का युग तकनीक और परिवर्तन का युग है, जिसमें ड्रोन, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रिसिजन वॉरफेयर का विशेष महत्व है।
उत्तराखंड के एनसीसी कैडेट्स ने यह साबित किया है कि वे न केवल पारंपरिक सैन्य अनुशासन में दक्ष हैं, बल्कि आधुनिक तकनीकों और भविष्य की चुनौतियों के लिए भी पूरी तरह सक्षम हैं। कार्यक्रम में प्रथम महिला गुरमीत कौर भी मौजूद रहीं।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने गणतंत्र दिवस परेड में प्रतिभाग करने वाले उत्तराखंड के एनसीसी कैडेट्स को लोक भवन में आयोजित एक सम्मान समारोह में सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि एनसीसी में सिखाई गई एकता व अनुशासन को जीवन में उतारें।
इस वर्ष उत्तराखंड से कुल 172 एनसीसी कैडेट्स ने नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड व उससे जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में प्रतिभाग किया। परेड में उत्तराखंड की कैडेट मानसी विश्वकर्मा ने गर्ल कंटिन्जेंट की परेड कमांडर के रूप में नेतृत्व किया। इसके अतिरिक्त 28 जनवरी को दिल्ली कैंट स्थित करिअप्पा परेड ग्राउंड में आयोजित प्रधानमंत्री रैली में भी उत्तराखंड के एनसीसी कैडेट्स ने प्रतिभाग किया, जिसमें सीनियर अंडर ऑफिसर कैडेट उत्कर्ष शर्मा ने परेड कमांडर की भूमिका निभाई।
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राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिविर एवं गणतंत्र दिवस परेड में प्रतिभाग करना आपके अनुशासन, कठिन परिश्रम और समर्पण का परिणाम है। इस प्रकार के प्रतिष्ठित आयोजन का हिस्सा बनना गर्व का विषय है। यह अनुभव जीवन भर की स्मृति बन जाता है। उन्होंने कहा कि इस अनुभव से प्राप्त सीख कैडेट्स को आत्मविश्वास के साथ देश और समाज के लिए कार्य करने की प्रेरणा देती है। एनसीसी में सिखाए जाने वाले एकता और अनुशासन के मूल मंत्र को जीवनभर अपनाने की आवश्यकता है।
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इसके साथ ही ड्रोन प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रक्षा मंत्री पदक से सम्मानित कैडेट प्रिंस सिंह राणा की उपलब्धि की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह भविष्य की युद्ध तकनीक, नवाचार और 21वीं सदी की सुरक्षा चुनौतियों के लिए युवाओं की तैयारी का उदाहरण है। राज्यपाल ने कहा कि आज का युग तकनीक और परिवर्तन का युग है, जिसमें ड्रोन, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रिसिजन वॉरफेयर का विशेष महत्व है।
उत्तराखंड के एनसीसी कैडेट्स ने यह साबित किया है कि वे न केवल पारंपरिक सैन्य अनुशासन में दक्ष हैं, बल्कि आधुनिक तकनीकों और भविष्य की चुनौतियों के लिए भी पूरी तरह सक्षम हैं। कार्यक्रम में प्रथम महिला गुरमीत कौर भी मौजूद रहीं।