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Dehradun News: पहाड़ी के साथ मैदानी क्षेत्रों के विकास में बहुत अंतर
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Iउत्तराखंड में एक पर्वतीय विकास की अनिवार्यता की तरह सोचना पर व्याख्यान हुआI
सस्टेनेबल डेवलपमेंट फोरम उत्तरांचल (एसडीएफयू) ने हिमोत्थान सोसायटी, दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान ''''ग्रामीण उत्तराखंड में अभिनव आजीविका: सर्वोत्तम अभ्यास और आगे का रास्ता'''' विषय पर छठा आरएसटी फोरम हुआ।
आरएसटी व्याख्यान का शीर्षक उत्तराखंड में एक पर्वतीय विकास की अनिवार्यता की तरह सोचना रहा। इस दौरान दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर के संस्थापक, कुमाऊं विश्वविद्यालय के पूर्व वीसी डॉ. बीके जोशी ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों के साथ मैदानी क्षेत्रों के जिलों के बीच विकास में बहुत बड़ा अंतर है। हमें जन केंद्रित और स्थानीय संसाधन आधारित विकास पर ध्यान देना होगा। जलवायु परिवर्तन हिमालय के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक है जिसे किसी भी प्रकार के विकास के लिए ध्यान में रखना होगा।
विज्ञापन सचिव ग्रामीण विकास एवं सीईओ उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन आनंद स्वरूप ने बताया कि सरकार राज्य में महिला आधारित ग्रामीण विकास को बढ़ावा दे रही है। डिजिटल सखी और पशु सखी जैसे कार्यक्रम को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड के उत्पाद एक कॉमन ब्रांड ''''हाउस ऑफ हिमालय'''' के तहत बेचे जाएंगे।
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सस्टेनेबल डेवलपमेंट फोरम उत्तरांचल (एसडीएफयू) ने हिमोत्थान सोसायटी, दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान ''''ग्रामीण उत्तराखंड में अभिनव आजीविका: सर्वोत्तम अभ्यास और आगे का रास्ता'''' विषय पर छठा आरएसटी फोरम हुआ।
आरएसटी व्याख्यान का शीर्षक उत्तराखंड में एक पर्वतीय विकास की अनिवार्यता की तरह सोचना रहा। इस दौरान दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर के संस्थापक, कुमाऊं विश्वविद्यालय के पूर्व वीसी डॉ. बीके जोशी ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों के साथ मैदानी क्षेत्रों के जिलों के बीच विकास में बहुत बड़ा अंतर है। हमें जन केंद्रित और स्थानीय संसाधन आधारित विकास पर ध्यान देना होगा। जलवायु परिवर्तन हिमालय के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक है जिसे किसी भी प्रकार के विकास के लिए ध्यान में रखना होगा।
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विज्ञापन सचिव ग्रामीण विकास एवं सीईओ उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन आनंद स्वरूप ने बताया कि सरकार राज्य में महिला आधारित ग्रामीण विकास को बढ़ावा दे रही है। डिजिटल सखी और पशु सखी जैसे कार्यक्रम को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड के उत्पाद एक कॉमन ब्रांड ''''हाउस ऑफ हिमालय'''' के तहत बेचे जाएंगे।
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