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मरीज का मोबाइल चुराने वाली नर्स ब्वायफ्रेंड संग गिरफ्तार
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मैक्स अस्पताल में भर्ती एक मरीज का मोबाइल चुराने वाली नर्स और उसके ब्वायफ्रेंड को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। नर्स ने मोबाइल चुराने के बाद अपने ब्वायफ्रेंड को दे दिया था। गिरफ्तार होने के बाद नर्स ने पुलिस के सामने कई गंभीर खुलासे भी किए। बताया जा रहा है कि अस्पताल से दवाएं, इंजेक्शन तक चोरी हुए, लेकिन शिकायत के बाद भी प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि 18 मई को अमनदीप गिल निवासी वसंत विहार ने राजपुर थाने को शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि उनके पिता अवतार सिंह गिल को बीमारी के चलते मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान आठ मई को उनकी मौत हो गई थी। लेकिन, इसके बाद से उनका मोबाइल नहीं मिला था। इसकी शिकायत उन्होंने मैक्स अस्पताल प्रबंधन से की, लेकिन कोई गौर नहीं किया गया।
एसएसपी ने बताया कि इस शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच की। मरीज की सेवा में लगी नर्सों से पूछताछ की गई तो कई गंभीर बातें पता चलीं। इसमें एक रुकइया नाम की नर्स का नाम सामने आया। रुकइया ने पुलिस को बताया कि उसने मरीज की मौत के बाद उनका मोबाइल चुराकर अपने ब्वायफ्रेंड को दे दिया था। पुलिस ने उस मोबाइल की जांच शुरू की तो मालूम हुआ कि उसमें दो अलग-अलग आईडी के सिम चलाए जा रहे हैं।
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एक नंबर पर बात हुई तो उसने अपना नाम सलमान बताया। पुलिस ने उसे मंगलवार को साईं मंदिर के पास बुलाया। यहां पर उसके मोबाइल में नंबर और आईईएमआई का मिलान किया गया तो यह अवतार सिंह का ही मोबाइल निकला। इस पर सलमान निवासी मोहम्मदपुर त्रिलोक, नगीना, बिजनौर हाल निवासी चुक्खुवाला मोहल्ला और उसकी गर्लफ्रेंड रुकइया निवासी संस्कृति लोक कॉलोनी ब्राह्मणवाला, पटेलनगर को गिरफ्तार कर लिया गया।
इंजेक्शन और दवाएं बाहर बेचने का भी आरोप
एसएसपी ने बताया कि रुकइया और अन्य स्टाफ नर्सों ने पुलिस को कई बातें बताई हैं। इन सारी बातों से अंदेशा है कि वहां पर प्रबंधन बहुत खराब था। आरोप तो यहां तक हैं कि मरीजों को जो इंजेक्शन और दवाएं देने के लिए कहा जाता था, वे नहीं दिए जाते थे। इसकी शिकायत की जाती थी तो प्रबंधन उस पर कोई ध्यान नहीं देता था। अब और तब करते हुए मरीजों के रिश्तेदारों को टालते रहते थे। सबसे बड़ी बात तो यह है कि वहां पर किसी को आने ही नहीं दिया जाता था। आरोपी रुकइया ने तो यहां तक कहा कि ये सब इंजेक्शन और दवाएं बाहर बेच दी जाती थीं।
पहले सुभारती में आया था मोबाइल चुराने का मामला
इससे पहले प्रेमनगर थाना क्षेत्र के सुभारती मेडिकल कॉलेज में मरीजों का फोन चोरी करने का मामला सामने आया था। पुलिस ने इस प्रकरण में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ये दोनों आरोपी अस्पताल के ही कर्मचारी थे। जो वहां मरीजों के मोबाइल चुराया करते थे। पुलिस ने इनके पास से कई मोबाइल भी बरामद किए थे।
अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को बताया निराधार
मैक्स अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रबंधन ने अपने स्तर से भी प्रकरण की जांच की। नर्सिंग स्टाफ के अस्पताल स्टोर से दवा चोरी करने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। हम नियमों का सख्ती से पालन करते हैं। लगातार स्टॉक का ऑडिट किया जा रहा है। इस तरह की कोई भी अनियमितता नहीं मिली है। आरोपी नर्स को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है।
आरोपी महिला ने पुलिस को कई बातें बताई हैं। उसके आरोपों की तस्दीक की जा रही है। पूरे मामले में अभी विवेचना जारी है। इस मामले में अगर रैकेट की संलिप्तता सामने आती है तो पुलिस जल्द ही उसका भी खुलासा करेगी। फिलहाल, जांच में तेजी लाने के निर्देश थाना पुलिस को दिए गए हैं। -डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, एसएसपी
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एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि 18 मई को अमनदीप गिल निवासी वसंत विहार ने राजपुर थाने को शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि उनके पिता अवतार सिंह गिल को बीमारी के चलते मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान आठ मई को उनकी मौत हो गई थी। लेकिन, इसके बाद से उनका मोबाइल नहीं मिला था। इसकी शिकायत उन्होंने मैक्स अस्पताल प्रबंधन से की, लेकिन कोई गौर नहीं किया गया।
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एसएसपी ने बताया कि इस शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच की। मरीज की सेवा में लगी नर्सों से पूछताछ की गई तो कई गंभीर बातें पता चलीं। इसमें एक रुकइया नाम की नर्स का नाम सामने आया। रुकइया ने पुलिस को बताया कि उसने मरीज की मौत के बाद उनका मोबाइल चुराकर अपने ब्वायफ्रेंड को दे दिया था। पुलिस ने उस मोबाइल की जांच शुरू की तो मालूम हुआ कि उसमें दो अलग-अलग आईडी के सिम चलाए जा रहे हैं।
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एक नंबर पर बात हुई तो उसने अपना नाम सलमान बताया। पुलिस ने उसे मंगलवार को साईं मंदिर के पास बुलाया। यहां पर उसके मोबाइल में नंबर और आईईएमआई का मिलान किया गया तो यह अवतार सिंह का ही मोबाइल निकला। इस पर सलमान निवासी मोहम्मदपुर त्रिलोक, नगीना, बिजनौर हाल निवासी चुक्खुवाला मोहल्ला और उसकी गर्लफ्रेंड रुकइया निवासी संस्कृति लोक कॉलोनी ब्राह्मणवाला, पटेलनगर को गिरफ्तार कर लिया गया।
इंजेक्शन और दवाएं बाहर बेचने का भी आरोप
एसएसपी ने बताया कि रुकइया और अन्य स्टाफ नर्सों ने पुलिस को कई बातें बताई हैं। इन सारी बातों से अंदेशा है कि वहां पर प्रबंधन बहुत खराब था। आरोप तो यहां तक हैं कि मरीजों को जो इंजेक्शन और दवाएं देने के लिए कहा जाता था, वे नहीं दिए जाते थे। इसकी शिकायत की जाती थी तो प्रबंधन उस पर कोई ध्यान नहीं देता था। अब और तब करते हुए मरीजों के रिश्तेदारों को टालते रहते थे। सबसे बड़ी बात तो यह है कि वहां पर किसी को आने ही नहीं दिया जाता था। आरोपी रुकइया ने तो यहां तक कहा कि ये सब इंजेक्शन और दवाएं बाहर बेच दी जाती थीं।
पहले सुभारती में आया था मोबाइल चुराने का मामला
इससे पहले प्रेमनगर थाना क्षेत्र के सुभारती मेडिकल कॉलेज में मरीजों का फोन चोरी करने का मामला सामने आया था। पुलिस ने इस प्रकरण में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ये दोनों आरोपी अस्पताल के ही कर्मचारी थे। जो वहां मरीजों के मोबाइल चुराया करते थे। पुलिस ने इनके पास से कई मोबाइल भी बरामद किए थे।
अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को बताया निराधार
मैक्स अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रबंधन ने अपने स्तर से भी प्रकरण की जांच की। नर्सिंग स्टाफ के अस्पताल स्टोर से दवा चोरी करने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। हम नियमों का सख्ती से पालन करते हैं। लगातार स्टॉक का ऑडिट किया जा रहा है। इस तरह की कोई भी अनियमितता नहीं मिली है। आरोपी नर्स को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है।
आरोपी महिला ने पुलिस को कई बातें बताई हैं। उसके आरोपों की तस्दीक की जा रही है। पूरे मामले में अभी विवेचना जारी है। इस मामले में अगर रैकेट की संलिप्तता सामने आती है तो पुलिस जल्द ही उसका भी खुलासा करेगी। फिलहाल, जांच में तेजी लाने के निर्देश थाना पुलिस को दिए गए हैं। -डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, एसएसपी