{"_id":"fe17065d610af12fd41f5d0868aaa25e","slug":"technical-entry-cadet-in-ima-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"...तो IMA में नहीं आएंगे टेक्निकल एंट्री कैडेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...तो IMA में नहीं आएंगे टेक्निकल एंट्री कैडेट
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 13 Dec 2014 09:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टेक्निकल एंट्री स्कीम के माध्यम से चयनित कैडेट अब भारतीय सैन्य अकादमी से पास आउट नहीं होंगे।
विज्ञापन
आखिरी होगा 117 वां टीईएस कोर्स
13 दिसंबर को आईएमए से पास आउट होने वाला 117 वां टीईएस कोर्स आखिरी होगा। जून 2015 से टीईएस कैडेट ओटीए (ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी) गया (बिहार) से पास आउट होंगे। इससे आईएमए में प्रशिक्षण लेने वाले अन्य कोर्सों में कैडेट्स की संख्या बढ़ाई जा सकेगी।
बारहवीं की परीक्षा में 70 फीसदी (गणित, भौतिक और रसायन विज्ञान) अंक प्राप्त करने वाले युवा टीईएस के लिए आवेदन कर सकते हैं। इनका चयन स्टाफ स्लेक्शन बोर्ड (एसएसबी) के माध्यम से होता है। एसएसबी में चयनित होने वाले युवाओं की ट्रेनिंग अकादमी पहले भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून थी, जिसे अब ओटीए गया कर दिया है।
विज्ञापन
चयन के बाद आईएमए में एक वर्ष की ट्रेनिंग अब ओटीए गया में हो रही है। इसके बाद तीन वर्ष की इंजीनियरिंग ट्रेनिंग के लिए यह कैडेट पुणे, मऊ और सिकंदराबाद स्थिति सैन्य संस्थानों में पढ़ाई करते हैं।
विज्ञापन
इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद दोबारा इन्हें भारतीय सैन्य अकादमी से पास आउट किया जाता है, लेकिन अब जून 2015 से यह ओटीए गया से पास आउट होंगे।
हर कोर्स में 100 से अधिक कैडेट आईएमए से टीईएस कोर्स के पास आउट होते हैं। पास आउट होने के बाद अफसर का रैंक हासिल करने के लिए इन्हें वापस सैन्य इंजीनियरिंग संस्थानों में एक वर्ष की ट्रेनिंग पूरी करनी होती है।
सेना की उच्च परंपरा बनाए रखें कैडेट्स
आईएमए में गुरुवार को कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल मानवेंद्र सिंह ने 13 दिसंबर को अकादमी से पास आउट होने वाले कोर्स की कमांडेंट परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान 601 जेंटलमैन कैडेट्स (जीसी) के साथ 64 विदेशी जेंटलमैन कैडेट्स (एफजीसी) ने कमांडेंट को सलामी दी।
इस अवसर पर जनरल मानवेंद्र सिंह ने कैडेट्स का सेना की उच्च परंपरा को बनाए रखने के लिए आह्वान किया। कैडेट भानु प्रताप सिंह ने परेड का नेतृत्व किया। आईएमए के चैटवुड भवन के ड्रिल स्क्वायर पर नियमित, टेक्निकल कोर्स और स्पेशल एंट्री सहित विदेशी कैडेट्स को कमांडेंट ने भारतीय सैन्य परंपरा का निर्वाह कर आन-बान-शान बनाए रखने को कहा।
कहा कि ट्रेनिंग के दौरान उन्हें सिखाई गई हर बात भविष्य में सफल अफसर बनने के काम आएगी। ऑफिसर बनने के साथ ही कई जिम्मेदारियां आती हैं। अपने सैनिकों को साथ लेकर चलना सबसे अहम है। कमांडेंट ने परेड का निरीक्षण कर तैयारियों को संतोषजनक बताया।
बताया गया कि 13 दिसंबर को होने वाली पासिंग आउट परेड (पीओपी) का निरीक्षण अफगानिस्तान सेना प्रमुख जनरल शेर मोहम्मद करीमी करेंगे। अफगानिस्तान सेना प्रमुख पास आउट होने वाले कैडेट्स के मार्चिंग दस्ते का निरीक्षण करने के बाद कोर्स में अव्वल रहने वाले जीसी को सम्मानित करेंगे।
ये जीसी होंगे पास आउट
कोर्स ------------------ अफसर
135 वां नियमित कोर्स - 423
118 वां टेक्निकल ग्रेजुएट - 61
24 वां टेक्निकल एंट्री - 117
ये एफजीसी भी होंगे पास आउट
अफगानिस्तान - 44
तजाकिस्तान - 12
मारीशस - 2
कजाकिस्तान - 1
नेपाल - 2
मालदीव - 3