शिक्षकों के पति-पत्नी के आधार पर तबादले का मामला, सिर्फ इन कर्मचारियों को ही मिलेगी राहत
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उत्तराखंड में शिक्षकों के पति पत्नी के आधार पर तबादलों के मामले में राज्य कर्मचारियों को राहत मिलेगी। जबकि केंद्रीय कर्मचारियों और गैर सरकारी कर्मचारियों को यह लाभ नहीं मिलेगा।
शासन की ओर से शिक्षा निदेशालय को इसके निर्देश जारी किए गए हैं। जबकि अन्य मामलों को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में दो दिसंबर को होने वाली बैठक में रखा जाएगा। प्रदेश में वर्ष 2016 में 586 शिक्षकों के तबादले किए गए थे।
शासन ने बाद में इनमें से कुछ शिक्षकों को कार्यमुक्त किया तो लगभग दो सौ शिक्षक इसके खिलाफ कोर्ट चले गए। कोर्ट ने इन शिक्षकों के मामले में प्रदेश सरकार को विचार करने के लिए कहा। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि गंभीर बीमार, पति-पत्नी के आधार और पहाड़ से पहाड़ में तबादले वाले शिक्षकों के मामले में सरकार विचार करे।
अदालत के इस फैसले के बाद शासन की और से इन शिक्षकों को मूल विद्यालय के लिए कार्यमुक्त करने के निर्देश पर रोक लगा दी गई। जबकि अन्य शिक्षकों को मूल विद्यालयों के लिए कार्यमुक्त किया गया। इसके बाद से मूल विद्यालयों के लिए कार्यमुक्त किए गए शिक्षकों में नाराजगी है।
इन शिक्षकों का कहना है कि पूरे प्रकरण में शासन की ओर से चहेते शिक्षकों को लाभ पहुंचाया गया है। शासन की ओर से इस मामले में शिक्षा निदेशालय को निर्देश जारी किया गया है कि पति-पत्नी के आधार पर शिक्षकों के तबादलों एवं उन्हें कार्यमुक्त करने के मामले में केवल प्रदेश सरकार के कर्मचारियों एवं अधिकारियों के मामले में ही राहत मिलेगी। जबकि अन्य जितने भी पति पत्नी के आधार वाले मामले हैं, उन शिक्षकों को मूल विद्यालयों के लिए कार्यमुक्त किया जाए।