खंडूड़ी ने सैनिक स्कूल पर सरकार को घेरा
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जखोली (रुद्रप्रयाग) में सैनिक स्कूल खोलने के लिए केंद्र की अनुमति पत्र शासन में एक माह से धूल फांक रहा है। नौकरशाही की लापरवाही का इससे बड़ा कोई नमूना नहीं हो सकता कि जिस सैनिक स्कूल खुलवाने के लिए कांग्रेस और भाजपा के बीच प्रतिस्पर्धा है उसपर अभी तक को कार्यवाही नहीं की।
पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद बीसी खंडूड़ी ने सरकार को केंद्र से मिले अनुमति पत्र पर कटघरे में खड़ा कर दिया है। खंडूड़ी के पत्र सार्वजनिक करने के बाद सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह को पता चला कि केंद्र से अनुमति के साथ एमओयू करने के लिए पत्र एक माह पहले शासन में पहुंच गया है।
अनुमति पत्र का यह पूरा मामला नौकरशाही में तालमेल न होने से पैदा हुआ। रक्षा मंत्रालय की सैनिक स्कूल सोसाइटी ने 19 नवंबर को माध्यमिक शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर जल्द एमओयू हस्ताक्षरित करने के लिए पत्र भेजा।
राज्य में सैनिक स्कूल का प्रस्ताव माध्यमिक शिक्षा के बदले सैनिक कल्याण विभाग ने तैयार किया था। ऐसे में माध्यमिक शिक्षा विभाग को यह पत्र सिर्फ सैनिक कल्याण विभाग को सौंपना था। इससे भाजपा को एक बार फिर सरकार में तालमेल की कमी का गिनाने का मौका मिल गया है।
हालांकि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का फायदा यहां के युवाओं को दूसरे सैनिक स्कूल के स्वीकृत के तौर पर मिला है। अब सोसाइटी और राज्य सरकार के बीच एमओयू साइन होगा जिसके तीन वर्ष के भीतर स्कूल का निर्माण हो जाएगा।
पत्र में है मंत्री हरक का हवाला
रक्षा मंत्रालय के भेजे अनुमति पत्र की शुरुआत कैबिनेट मंत्री हरक सिंह के डीओ लेटर के हवाले से हुई है। इतना ही नहीं हरक सिंह के अलावा मुख्य सचिव ने भी अनुमति के लिए सोसाइटी को पत्र लिखा था जिसका जिक्र उसमें है। मंत्री के नाम का उल्लेख होने के बावजूद शिक्षा विभाग ने यह जहमत नहीं उठाई कि मंत्री को इस बाबत अवगत करवाया जाए।
वर्ष 2008 में सैनिक स्कूल खोलने की प्रक्रिया भाजपा ने शुरू की थी जिसे तत्कालीन केंद्र सरकार ने स्वीकृति नहीं दी। अब दोबारा रक्षा मंत्री से आग्रह कर अनुमति हासिल की गई लेकिन सैद्धांतिक सहमति के बाद एमओयू साइन करने का पत्र एक माह पूर्व राज्य सरकार के पास पहुंचा है जिसपर कोई कार्यवाही नहीं हो रही।
बीसी खंडूड़ी, सांसद पौड़ी
जखौली में सैनिक स्कूल खोलने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जब हाथ खड़े किये तो सैनिक कल्याण विभाग ने तमाम औपचारिकताएं पूरी कर दी। दस करोड़ रुपये भी विभाग से स्वीकृत हो चुके हैं। अनुमति पत्र एक माह पूर्व शिक्षा विभाग में आया तो हमें अवगत करवाना चाहिए था। खैर अब मैंने अपने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं पत्र का पता लगाकर जल्द औपचारिकताएं पूरी कर दी जाएं।
-हरक सिंह रावत, सैनिक कल्याण मंत्री