फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Swami Achutanand give notice to akhada parishad

स्वामी अच्युतानंद ने अखाड़ा परिषद को भेजा नोटिस

Sun, 09 Apr 2017 07:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो,हरिद्वार
अमर उजाला ब्यूरो,हरिद्वार Updated Sun, 09 Apr 2017 07:42 PM IST
विज्ञापन
Swami Achutanand give notice to akhada parishad
स्वामी अच्युतानंद ती

हाल ही में द्वारिका पीठ पर आसीन हुए स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद को कानूनी नोटिस भेजा है। उनका आरोप है कि परिषद ने शंकराचार्य का अपमान किया है। परिषद ने शंकराचार्य को कानूनी जवाब भेज दिया है। अलबत्ता अच्युतानंद सहित अन्य अनेक विवादित विषयों पर अखाड़ा परिषद अब 30 अप्रैल को अहम फैसला करेगी।

विज्ञापन

      
अपने अधिवक्ता के माध्यम से भेजे गए नोटिस में स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने कहा कि उनके शंकराचार्य बनने पर अखाड़ा परिषद द्वारा दिए गए बयानों से उनका अपमान हुआ है। वे विद्वत परिषद द्वारा विधि विधान के अनुसार शंकराचार्य पद पर आसीन किए गए हैं। शारदा पीठ पर उनका अभिषेक पूरी तरह विधान सम्मत है। अखाड़ा परिषद ने उन अन्य संतों का भी अपमान किया है, जो उनके कार्यक्रम में भाग लेने आए थे। यहां तक सुमेरु पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद महाराज के आगमन की भी परवाह नहीं की।

विज्ञापन

बोले अच्युतानंद तीर्थ, उनके अभिषेक पर बुरा असर

Swami Achutanand give notice to akhada parishad

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष को भेजे गए नोटिस में स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने कहा कि आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित सभी मान्यताओं का पालन उनके अभिषेक में हुआ है। इसके बावजूद अपमानित करने वाले बयान दिए गए। कथित कार्रवाई का उनके अभिषेक पर बुरा असर पड़ा है। अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी ने बताया कि उन्हें कानूनी नोटिस प्राप्त हुआ है और इसका कानूनी जवाब भी साथ-साथ भेज दिया है। अच्युतानंद ने आरोप लगाया है कि उन्हें अपमानित किया गया है, वास्तव में अखाड़ा परिषद ने वही कार्रवाई की है जिसका उसे अधिकार है। 

आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चारों पीठों पर पहले से ही चार शंकराचार्य विराजमान हैं। संत जगत के इन सर्वोच्च पदों पर किसी अन्य को कथित रूप से बैठने का कोई अधिकार नहीं है। आदि शंकराचार्य ने जिन दशनाम संन्यासियों का वर्गीकरण किया था, वे सभी अखाड़ा परिषद के अधीन आते हैं। संन्यासियों की परिषद से गिरी, पुरी, भारती, तीर्थ आदि सभी जुड़े हुए हैं। अखाड़ा परिषद के धर्म विरुद्ध हो रही सभी प्रकार की कार्रवाईयों को रोकने या उनके विरुद्ध बयान देने का अधिकार है।

अच्युतानंद के बहिष्कार का निर्णय सभी 13 अखाड़ों ने सर्व सम्मति से लिया था। उन्होंने कहा कि अब अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक आगामी 30 अप्रैल को प्रयाग में हो रही है। इस बैठक में अच्युतानंद सहित उन सभी संतों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी,जिन्होंने धार्मिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed