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नगर निगम एक दिसंबर तक प्लांट का निर्माण हर हाल में पूरा करे-सुप्रीम कोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला,देहरादून
Updated Tue, 08 Aug 2017 10:56 PM IST
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supreme court
सहस्त्रधारा स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने के मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने नगर निगम को एक दिसंबर तक हरहाल में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं। तब तक शहर का कूड़ा सहस्त्रधारा स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में ही डाला जाएगा। सात दिसंबर को कोर्ट में अगली सुनवाई होगी, जबकि 18 अगस्त को एनजीटी में इसी मामले में सुनवाई होनी है।
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नगर आयुक्त रवनीत चीमा ने सुप्रीम कोर्ट में ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। निर्माण कार्यों के फोटोग्राफ भी प्रस्तुत किए। नगर आयुक्त ने कहा कि बारिश के चलते प्लांट का निर्माण कार्य बाधित हो रहा है। ट्रंचिंग ग्राउंड के अलावा कूड़ा फेंकने के लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
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सुप्रीम कोर्ट ने नगर निगम को राहत देते हुए एक दिसंबर तक हरहाल में प्लांट का निर्माण कार्य करने के आदेश दिए। कोर्ट ने सात दिसंबर की अगली तारीख दी है। नगर आयुक्त का कहना है कि ट्रंचिंग ग्राउंड में नियमित कीटनाशक दवाओं के छिड़काव किया जा रहा है। बारिश में गंदगी बहकर आसपास इलाके में न फैले इसको लेकर भी एहतियात बरता जा रहा है। आसपास इलाकों में फॉगिंग कराई जा रही है।
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शहर से प्रतिदिन ढाई सौ मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। वैज्ञानिक विधि से कूड़ा निस्तारण के लिए नगर निगम की ओर से शीशमबाड़ा में ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया जा रहा है। प्लांट का निर्माण रैकमी इंजीनियर्स लि. कर रही है। निर्माण कार्य 31 जुलाई तक पूरा होना था। प्लांट का निर्माण पूरा नहीं होने की वजह से नगर निगम फिलहाल सहस्त्रधारा स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में ही कूड़ा डाल रहा है।
ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने का स्थानीय लोग विरोध करते आए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक खुले आसमान के नीचे कूड़ा फेंके जाने से बीमारियां फैलने का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों ने ही सहस्त्रधारा जनकल्याण समिति बनाई है और कूड़ा डालने के विरोध में नगर निगम के खिलाफ एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर किया है। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में कई तारीखें लग चुकी हैं।