CM त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत 12 अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज, जानिए पूरा मामला
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मातृसदन के ब्रह्मचारी दयानंद सरस्वती ने प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत 12 अधिकारियों के खिलाफ न्यायालय में वाद दाखिल किया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशुतोष मिश्रा ने इस पर सुनवाई के लिए 11 दिसंबर की तारीख तिथि तय की है।
अधिवक्ता अरुण कुमार भदौरिया ने बताया कि मातृसदन जगजीतपुर के ब्रह्मचारी दयानंद ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, उत्तराखंड शासन के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, प्रमुख सचिव खनन आनंदवर्धन, जिलाधिकारी हरिद्वार दीपक रावत, एडीएम (प्रशासन) भगवत किशोर मिश्रा
एसडीएम हरिद्वार मनीष कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक उत्तराखंड वन विकास निगम एसटीएस लेपचा और प्रभागीय लौगिंग प्रबंधक ज्वालापुर आईपीएस रावत के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में एक वाद दाखिल किया है।
उनका कहना है कि उनके गुरु स्वामी शिवानंद अवैध खनन के खिलाफ काफी समय से संघर्षरत हैं। आरोप लगाया गया है कि सात दिसंबर को 11.30 बजे मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, जिलाधिकारी हरिद्वार एवं अपर जिलाधिकारी प्रशासन के कहने पर एसडीएम हरिद्वार मनीष कुमार सिंह अपने साथ दर्जनों पुलिस कर्मियों को लेकर आश्रम का गेट जबरदस्ती खुलवाकर घुस आए और ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को एंबुलेंस में डालकर किसी अन्य जगह ले गए हैं, जबकि ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद शांतिपूर्वक अपना अनशन कर रहे थे।
उनको ले जाने की कोई लिखित या मौखिक सूचना अभी तक नहीं दी गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि उत्तराखंड शासन के अधिकारी पूर्व में भी माफिया के इशारे पर दो संतों की हत्या करवा चुके हैं। आत्मबोधानंद को भी हत्या के उद्देश्य उठाकर ले जाया गया है। मामले में सुनवाई करने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशुतोष मिश्रा ने वाद को प्रथम अपर सिविल जज वरिष्ठ वर्ग, न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिद्वार के न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया है। अब अगली सुनवाई के लिए 11 दिसंबर की तिथि नियत की गई है।