अफसर न बन पाया तो फांसी लगाकर खत्म कर ली जिंदगी, 8 पन्नों के सुसाइड नोट में लिखी दर्दभरी कहानी
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देहरादून में बीटेक की पढ़ाई कर रहे लखनऊ के एक छात्र ने शुक्रवार शाम फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। छात्र ने परिवार के नाम आठ पेज का सुसाइड नोट लिखा है, जिसमें लिखा है कि ‘मैं शर्मिंदा हूं। घरवालों के अरमान पूरे नहीं कर पाया हूं। अफसर बनना चाहता था, लेकिन क्लर्क तक नहीं बन सका।’
लखनऊ के भोला खेड़ा मनासनगर निवासी राहुल सिंह (29) देहरादून के एक कॉलेज से बीटेक कर रहा था। वह बसंत विहार थाना क्षेत्र के राजीव नगर में किराए के कमरे में रहता था। शुक्रवार शाम राहुल ने उसी कमरे में फांसी लगा ली।
मौके पर पहुंची पुलिस ने वीडियोग्राफी कराकर शव को नीचे उतार लिया। पुलिस को कमरे की तलाशी में आठ पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें राहुल ने मौत के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है। लिखा है कि ‘मैं शर्मिंदा हूं।
घरवालों के अरमान पूरे नहीं कर पाया हूं। आप सब ने प्यार के साथ उसका भविष्य बनाने को काफी पैसा खर्च किया है। पढ़ लिखकर बड़ा अफसर बनना चाहता था, लेकिन क्लर्क और चपरासी तक नहीं बन सका।’
एसओ हेमंत खंडूडी ने बताया कि सुसाइड नोट में भाई और बहन से पढ़ाई पूरी कर अपने सपनों को पूरा करने को कहा है। कुछ न बन पाने के तनाव में राहुल ने यह कदम उठाया है। परिजनों को सूचना दे दी गई है। शनिवार को परिवार के आने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। फिलहाल कमरा सील कर दिया गया है।