गजब, 10 स्ट्रीट लाइटों से 'जगमगाया' पार्षद का घर
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राजधानी देहरादून में नगर निगम की ओर से लगाए जाने वाली स्ट्रीट लाइट का दुरुपयोग होने की शिकायतें आने लगी हैं।
शनिवार को मेयर विनोद चमोली को एक पार्षद द्वारा 10 स्ट्रीट लाइटें अपने घर में रखने की शिकायत मिलने पर उन्होंने पथ प्रकाश अनुभाग को तलब कर रिपोर्ट मांगी।
पथ प्रकाश अनुभाग में हर साल करोड़ों रुपए से स्ट्रीट लाइटों की खरीद होती है। इनको लगाने के बाद लेखा-जोखा तैयार नहीं किया जा रहा है। नगर निगम के स्तर पर बनी व्यवस्था में कई सवाल उठने लगे हैं। व्यवस्था है कि पार्षद अपने वार्ड में स्ट्रीट लाइटों की मांग करते हैं।
पार्षद की मर्जी है कि वह लाइट लगाए या नहीं
ऐसे में निगम का प्रकाश अनुभाग स्ट्रीट लाइटें पार्षद को देता है। अब पार्षद की मर्जी है कि वह लाइट लगाए या नहीं। पार्षदों द्वारा लगाई जाने वाली लाइटों की निगरानी नहीं की जाती है।
अभी एक मामला सामने आया है। एक नामित पार्षद ने अपने वार्ड के लिए दस स्ट्रीट लाइटें निगम से ली। उसने सभी लाइटों को अपने घर में रख दिया।
सूत्र बताते हैं कि इस नामित पार्षद ने एक भी लाइट का उपयोग अपने वार्ड में नहीं किया है। मजेदार बात यह है कि नगर निगम ने पार्षद से स्ट्रीट लाइट के बावत एक बार भी नहीं पूछा।