जिला पंचायत अध्यक्ष, मेयर अब सजाएंगे लालबत्ती
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सीएम ने यह भी कहा कि जल्द ही पंचायती राज एक्ट लागू किया जाएगा जिसमें 29 विभागों को पंचायतों के अधीन करने जैसी अन्य मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। सम्मेलन के बाद सभी प्रतिनिधि देर शाम दिल्ली रवाना हो गए।
बुधवार को सभी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलेंगे। नारायण दत्त तिवारी की सरकार में पंचायत अध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त था।
सम्मेलन में सीएम ने कहा कि पूर्व में मिलने वाली क्षेत्र पंचायत निधि को यथावत रखा जाएगा। त्रिस्तरीय पंचायतों, नगर पंचायतों व निकायों के सदस्यों को परिचय पत्र उपलब्ध करवाए जाएंगे। जिलाधिकारियों की एसीआर के समय इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि उन्होंने क्षेत्र पंचायतों की कितनी बैठकों में भाग लिया गया।
अब ब्लॉक स्तर की बैठकों में जाएंगे डीएम
सीएम ने कहा कि आने वाले महीनों में यह अनिवार्य होगा कि जिलाधिकारी ब्लॉक स्तर की बैठकों में भी जाएं। उन्होंने खुद भी गढ़वाल-कुमाऊं की एक-एक बैठक में शामिल होने की बात कही। सीएम ने यह भी कहा कि सरकार कुछ नए क्षेत्रों में टैक्स लगाकर आय के स्रोत तलाश रही है। उस स्थिति में सरकार आय का आधा हिस्सा पंचायतों के हवाले कर देगी।
उन्होंने कहा कि पंचायतों को तीन लाख रुपये तक के काम बिना टेंडर सीधे कराने की अनुमति दी जा सकती है लेकिन जवाबदेही बढ़ जाएगी। उन्होंने अधिकारियों के चरित्र पंजिका लिखने के अधिकार पर कहा कि इसके लिए परिपक्वता लानी होगी।
पंचायती राज मंत्री प्रीतम सिंह ने पंचायत प्रतिनिधियों की लंबित मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, प्रदेश सह प्रभारी संजय कपूर, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरोजनी कैंत्यूरा, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वर प्रसाद गंगवार, चमन सिंह और लक्ष्मी राणा आदि मंच पर मौजूद थीं।