Uttarakhand: प्रदेश में बढ़ा युवाओं में खेल का क्रेज, एसएफए के तीसरे संस्करण में प्रतिभाग कर रहे 12 हजार छात्र
इस साल एसएफए चैंपियनशिप में 300 स्कूल के 12 हजार एथलीट्स प्रतिभाग कर रहे हैं। यह सभी 30 से अधिक वर्गाें में आयोजित हो रहे 21 खेलों में अपना हुनर दिखा रहे हैं।
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उत्तराखंड के युवाओं में खेल का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। स्कूलों में युवा पारंपरिक खेलों के अलावा अन्य खेलों में भी हाथ आजमा रहे हैं। यही वजह है कि प्रदेश भर में युवा खिलाड़ियों की संख्या एक साल में ही दोगुना हो गई है। इस बात का अंदाजा दून में चल रहे स्पोर्ट्स फॉर ऑल (एसएफए) चैंपियनशिप से लगाया जा सकता है। एसएफए में इस साल 12 हजार छात्र चैंपियनशिप में प्रतिभाग कर रहे हैं।
बीते साल मई में आयोजित हुए एसएफए चैंपियनशिप में प्रदेशभर से सिर्फ पांच हजार छात्रों ने प्रतिभाग किया था। इसके बाद नवंबर में आयोजित हुए चैंपियनशिप के दूसरे संस्करण में खिलाड़ियों की संख्या बढ़कर आठ हजार हुई। जबकि इस साल चैंपियनशिप में 300 स्कूल के 12 हजार एथलीट्स प्रतिभाग कर रहे हैं। यह सभी 30 से अधिक वर्गाें में आयोजित हो रहे 21 खेलों में अपना हुनर दिखा रहे हैं।
एथलीट्स परेड ग्राउंड पैविलियन ग्राउंड और महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित हो रही प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर रहे हैं। एसएफए के आंकड़ों के अनुसार 30 फीसदी पंजीकरण के साथ महिलाओं ने एथलेटिक्स, बैडमिंटन, खो-खो, बास्केटबाल और कराटे को अपने पसंदीदा खेल के रूप में चुना है। जबकि पुरुष एथलीट्स अपने पसंदीदा खेल के रूप में फुटबॉल, एथलेटिक्स, बैटमिंटन, कबड्डी और खो-खो को चुनते हैं।
इन खेलों में खिलाड़ी दिखा रहे प्रतिभा
चैंपियनशिप के तहत एथलीट्स शूटिंग, स्पीडक्यूबिंग, कैरम, योगासन, वॉलीबाल, तायक्वोंडो, टेबल टेनिस, कराटे, कबड्डी, तैराकी, स्केटिंग, एथलेटिक्स, खो-खो, जूडो, हैंडबाल, फुटबाल, फेंसिंग, शतरंज, बॉक्सिंग, बास्केटबाल और बैडमिंटन में अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं।
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दून शिक्षा के हब के नाम से पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। लेकिन पूरे उत्तराखंड में खेल के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। यहां के युवाओं को हुनर का प्रदर्शन करने के लिए मंच उपलब्ध कराने के मकसद से एसएफए चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है। तीसरे संस्करण में प्रतिभागियों की संख्या में दोगुना इजाफा हुआ है। हमारा उद्देश्य चैंपियनशिप के जरिए उन खिलाड़ियों को तैयार करना है, जो भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदेश व देश का प्रतिनिधित्व करें। - विश्वास चोकसी, संस्थापक, एसएफए