उत्तराखंडः कैबिनेट का अहम फैसला, बुलाया जाएगा विधानसभा विशेष सत्र
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बजट को लेकर अहम फैसला करने की चर्चाओं को लेकर सोमवार को बुलाई गई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में 4-5 जुलाई को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने पर सहमति बनी है।
फिलहाल सत्र की विषय वस्तु तय नहीं है। इसके अतिरिक्त दिव्यांगों पर सरकार के हित में तमाम फैसले लिए हैं, जिसमें दिव्यांग आयोग के गठन से लेकर बैकलाग भर्तियों को जल्द से जल्द करने और उनकी पेंशन के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता को समाप्त करना अहम है। वहीं उच्च शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर रिक्त पड़े पदों को जल्द से जल्द भरने और जल संरक्षण पर बोनस देने का फैसला भी लिया गया है।
विकास कार्यों और मुख्यमंत्री की घोषणाओं को पूरा करने में आड़े आ रहे धन को लेकर सरकार परेशान है। सियासी संकट के बाद केंद्र सरकार ने राज्य को बजट के इस्तेमाल से रोक दिया है। दोबारा सरकार में वापसी के बाद मुख्यमंत्री ने राज्यपाल और प्रधानमंत्री से बजट जारी करने के लिए पत्र लिखा, मगर कोई लाभ नहीं हुआ। इसके चलते माना जा रहा था कि विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर नए सिरे से बजट पास करने को लेकर कैबिनेट की बैठक में फैसला होगा।
बैठक के बाद मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने पत्रकारों को बताया कि 4-5 जुलाई को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की बात तो तय हुई है, लेकिन बजट पास करने संबंधी कोई फैसला अभी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सत्र के पूर्व प्रधानमंत्री को फिर पत्र लिखा जाएगा। इसके अलावा बजट को लेकर अन्य विकल्प भी तलाश किए जाएंगे। बैठक में जल संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए सरकार ने प्रदेश में तालाबों की स्थापना करने से लेकर उसमें जल संरक्षण करने पर बोनस देने की घोषणा की है। इसके लिए विशेष फॉर्मूला तैयार किया गया है।
वहीं दिव्यांग आयोग के गठन के साथ ही एससी-एसटी एवं दिव्यांग कोटे की भर्तियों को तीन माह के भीतर करने के साथ-साथ गढ़वाल-कुमाऊं में एक-एक अनुदानित मूक-बधिर स्कूलों की स्थापना के अलावा आईटीआई में दिव्यांगों के प्रशिक्षण के लिए विशेष इंतजामों की बात भी बैठक में तय हुई है। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा में रिक्त 600 से ज्यादा पदों की जल्द से जल्द भर्ती, उपनल के जरिए पूर्व सैनिकों के आश्रितों को नौकरी देने, उत्तराखंड किसान आयोग एवं उत्तराखंड शिल्प संवर्धन आयोग की स्थापना करने, जल मूल्य में राहत देने समेत कुल डेढ़ दर्जन से ज्यादा प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।
कैबिनेट बैठक के प्रमुख बिंदु
प्रमुख बिंदु:-
1. चार व पांच जुलाई को विधानसभा का सत्र बुलाया जाएगा।
2. बजट जारी करने के लिये भारत सरकार से दोबारा अनुरोध किया जाएगा।
3. नए बजट के सम्बंध में मुख्य सचिव विधिक राय लेंगे।
4. चाल-खाल व वाटर बोनस योजना को मंजूरी।
5. राज्य दिव्यांग आयोग के गठन को मंजूरी।
6. एससी/एसटी भर्ती के लिये दो माह का विशेष अभियान चलाया जायेगा।
7. दिव्यांगों की भर्ती लिए भी दो माह का विशेष भर्ती अभियान चलाया जायेगा।
8. किसान आयोग व उत्तराखण्ड शिल्प संवर्धन आयोग के गठन पर राय बनी।
9. विकलांगों के लिए गढ़वाल व कुमाऊं से एक-एक आईटीआई खोली जाएगी।
10. उपनल में सैनिको के आश्रितों को भी सेवा का मौका दिया जाएगा।
11. उच्च शिक्षा में 600 से अधिक रिक्तियों को भरने के लिए उत्तराखण्ड उच्च शिक्षा शिक्षा आयोग का गठन होगा।
12. उत्तराखण्ड पेयजल निगम में कार्यरत 343 नियमित फील्ड कर्मचारियों को निगम के संवर्गीय ढांचे में मृत संवर्ग के रूप में सम्मिलित किए जाने का निर्णय।
14. उत्तराखण्ड मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा 31 में संशोधन।
सीएम को समाचार पत्र वितरकों की याद नहीं आई
दिव्यांगों, सैनिक आश्रितों, शिल्पकारों जैसे तमाम लोगों की याद सरकार को आई और उनकी बेहतरी के लिए फैसले लिए गए, मगर समाचार पत्र वितरकों की याद सीएम हरीश रावत को बिल्कुल नहीं आई। हम उन समाचार पत्र वितरकों की बात कर रहे हैं, जिनको कर्मकार की श्रेणी में लाने की घोषणा करके सीएम ने तमाम वाहवाही बटोरी थी।
यहां तक कि प्रदेश भर के तमाम वरिष्ठ समाचार पत्र वितरकों ने इस उपलब्धि के लिए कामगार संघ के बैनर तले रावत का सम्मान भी किया। सभी अखबारों ने भी सीएम के इस कदम की वाह-वाह की और इस कार्यक्रम को बड़े बेहतर तरीके से प्रकाशित किया, मगर यह घोषणा जुबानी निकली।
Published By : Nirmala Suyal