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पढ़िए, कलयुग के 'श्रवण कुमार' की कहानी

Wed, 09 Jul 2014 11:37 AM IST
मनोज सिंह राणा/अमर उजाला, मुनिकीरेती
मनोज सिंह राणा/अमर उजाला, मुनिकीरेती Updated Wed, 09 Jul 2014 11:37 AM IST
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son and mother relation

संतान को ममतामयी सानिध्य प्रदान करने वाली मां का क्या महात्म्य है, यह कोई रोहतक निवासी शिवभक्त प्रदीप पांचाल से जाने।

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खासकर बुजुर्ग मां-बाप को बेघर करने या वृद्धाश्रमों में अपने हाल पर छोड़ने वाली संतानों के लिए तो वह किसी प्रेरणा से कम नहीं हैं।

श्रावण यात्रा के दृष्टिगत इन दिनों नीलकंठ पैदल मार्ग पर भोले बाबा के दर्शन के लिए शिव भक्तों की आमद बढ़ गई हैं।

भक्ति के भिन्न-भिन्न रूप दिखाई पड़ रहे हैं। बाबा के भक्त बम-बम भोले के जयघोष के साथ कष्टकारी यात्रा कर रहे हैं।

मां दो वर्ष से बीमार

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इन्हीं में रोहतक, हरियाणा निवासी प्रदीप पांचाल भी शामिल हैं। वह धन- दौलत, दुकान-मकान की कामना के लिए यात्रा नहीं कर रहा।

अपनी बीमार मां के कुशल स्वास्थ्य के लिए मन्नत मांगने मार्ग पर रेंग रेंगकर प्राचीन शिवालय की ओर बढ़ रह है।

प्रदीप ने बताया कि उसकी मां दो वर्ष से बीमारी के कारण बेड पर है। बताया कि मां के स्वास्थ्य लाभ की कामना लेकर ही वह बाबा की शरण में जा रहा है।

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