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प्रदेश में मलिन बस्तियों का होगा नियमतीकरण
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 26 Feb 2016 02:05 AM IST
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शुक्रवार को प्रस्तावित मंत्रिमंडल की बैठक में सत्र में सदन के पटल पर रखे जाने वाले बजट का अनुमोदन किए जाने की संभावना है। मंत्रिमंडल मलिन बस्तियों को नियमित करने और उपनल के जरिये रखे गए आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन वृद्धि के मामले में भी फैसला कर सकता है।
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प्रदेश का बजट सत्र नौ मार्च से है। इसकी अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है। ऐसे में बजट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को प्रस्तावित मंत्रिमंडल की बैठक में बजट को अनुमोदन के लिए रखा जा सकता है। इसके अलावा मलिन बस्तियों को नियमित करने का मामला भी सरकार के पास है।
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शासन को भेजी रिपोर्ट
मलिन बस्ती सुधार समिति इस मामले में रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज चुकी है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्यस्तरीय समिति भी इस रिपोर्ट की समीक्षा कर चुकी है। सूत्रों के मुताबिक इस रिपोर्ट के आधार पर बस्तियों को नियमित करने का फैसला किया जा सकता है।
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शहरी विकास सचिव डीएस गर्ब्याल ने बताया कि नगर निकायों में चिह्नित मलिन बस्तियों की कुल संख्या 582 है। अधिसूचित मलिन बस्तियों की संख्या 278, अनाधिसूचित मलिन बस्तियों की संख्या 242, कुल भवनों की संख्या 1,53,174 और मलिन बस्तियों में निवासरत कुल जनसंख्या 7,71,585 है।
उपनल कर्मियों पर भी हो सकता है फैसला
मलिन बस्ती सुधार समिति के अध्यक्ष राजपुर विधायक राजकुमार के मुताबिक बस्तियों को नियमित करने का फैसला होते ही नियमावली बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
मंत्रिमंडल शुक्रवार को उपनल के जरिये आउटसोर्स कर्मियों के वेतन-भत्तों के मामले में भी फैसला कर सकती है। सरकारी और अन्य स्थानों पर कार्यरत ये कर्मचारी लंबे समय से इसकी मांग करते आ रहे हैं। चुनाव को देखते हुए प्रदेश सरकार भी अब इस मामले को लेकर दबाव महसूस कर रही है।