उत्तराखंड: खाई में गिरी कार, छह की मौत
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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से मनमानड़े जा रही ऑल्टो कार नैनीपातल के पास शुक्रवार रात खाई में गिर गई। हादसे में दो महिलाओं और एक बच्चे समेत छह लोगों की मौत हो गई। हादसे की जानकारी शनिवार सुबह मिली।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हादसे पर दुख प्रकट करते हुए डीएम को हादसे के कारणों की जांच के आदेश दिए हैं। एक हफ्ते के भीतर इस दूसरी दुर्घटना ने सबको हिलाकर रख दिया है। इससे पहले 15 फरवरी को टनकपुर रोड में मटेला के पास जीप हादसे में पिथौरागढ़ के सीओ समेत 8 लोगों की मौत हो गई थी।
पुलिस के मुताबिक शुक्रवार रात भौंतड़ी निवासी कमान सिंह (45) पुत्र हरक सिंह, दान सिंह (62) पुत्र मान सिंह, मोहन सिंह (32) पुत्र गोपाल सिंह बगैर नंबर की नई आल्टो कार में मड़मानले के लिए निकले थे।
जाजरदेवल में उनसे चिराली निवासी तुलसी देवी (48) पत्नी प्रेम राम, उसके भतीजे सूरज (12) पुत्र देव राम और लक्ष्मी देवी (23) पत्नी बबलू ने लिफ्ट मांगी। महिलाओं ने रात 8.30 बजे सल्मोड़ा से कार मिलने की जानकारी फोन से अपने परिजनों को दी। यह भी बताया कि कार वाले जाजरदेवल में खाना खा रहे हैं।
रातभर घटना स्थल पर पड़े रहे शव
इसके बाद कार मड़मानले के लिए रवाना हुई। मात्र 4 किमी दूर नैनीपातल में कार 400 मीटर गहरी खाई में गिर गई। रात 12 बजे तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की। शनिवार सुबह उन्हें नैनीपातल में कार के खाई में गिरने का पता चला।
सुबह 8.30 बजे हादसे की सूचना मिली तो पुलिस अधीक्षक रोशन लाल शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी विनोद गिरि गोस्वामी राहत और बचाव दल के साथ मौके पर पहुंचे। कार में सवार सभी लोगों की मौत हो चुकी थी। इस बीच, नगरपालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती समेत तमाम जनप्रतिनिधि भी वहां पहुंच गए।
पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती ने मुख्यमंत्री के हवाले से बताया कि मृतकों के परिजनों को तत्काल एक-एक लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। विधानसभाध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने भी हादसे पर दुख जताया है। मृतक कमान सिंह धामी राज्य आंदोलनकारी थे। भौतड़ी के प्रधान रहने के दौरान धामी को स्वच्छता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार भी मिला था। पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के शव परिजनों को सौंप दिए गए।
40 साल पहले यहीं गई थी 42 की जान
इसी स्थान पर 25 जनवरी 1975 को बस के गिरने से नैनीपातल क्षेत्र के 42 लोगों की मौत हो गई थी। सभी लोग रामेश्वर घाट में गांव के किसी व्यक्ति की अंत्येष्टि कर लौट रहे थे। हादसे के बाद उस स्थान पर पर एक छोटा सा मंदिर बनाया गया, जो अब भी मौजूद है। 40 साल बाद उसी स्थान पर हादसे ने लोगों को 1975 के हृदय विदारक हादसे की याद दिला दी।
वाहन ने महिला को कुचला मौत
एक अन्य हादसे में अल्मोड़ा से 15 किमी दूर भिकियासैंण मार्ग पर सिनौड़ा बटिया के पास दांत दर्द के चलते अस्पताल जा रही थौली गांव की विमला देवी पत्नी ललता प्रसाद जोशी को शनिवार सुबह करीब सवा दस बजे अज्ञात वाहन ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटनास्थल से मिले मोबाइल से संपर्क करने पर महिला की शिनाख्त हो पाई।शव को पोस्टमार्टम के लिये रानीखेत भेजा गया है जहां डॉ. डीएस पार्की ने बताया कि महिला का सिर टायर की चपेट में आया था।