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पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी डीडी अनुराग शंखधर पर अब कसेगा एसआईटी का शिकंजा
Thu, 09 May 2019 11:47 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 09 May 2019 11:47 PM IST
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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शासन ने छात्रवृत्ति घोटाले की जांच के आरोपी हरिद्वार के पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी और वर्तमान में जनजाति कल्याण विभाग के उपनिदेशक अनुराग शंखधर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को मंजूरी दे दी है। घोटाले की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख मंजूनाथ टीसी ने शासन से शंखधर के खिलाफ विवेचना शुरू करने की अनुमति मांगी थी। आधिकारिक सूत्रों ने अनुमति दिए जाने की पुष्टि की है।
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सूत्रों के मुताबिक, प्रकरण की फाइल सचिव समाज कल्याण एल फैनाई के पास पहुंची थी। उन्होंने न्यायिक परामर्श करने के बाद विवेचना की संस्तुति कर दी है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद अब शंखधर पर एसआईटी का शिकंजा कसना तय माना जा रहा है। विवेचना के दौरान एसआईटी न्यायालय से शंखधर की गिरफ्तारी का वारंट लेने का प्रयास करेगी।
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उधर, शंखधर छुट्टी खत्म होने के बाद से कार्यालय नहीं लौटे है। माना जा रहा है कि गिरफ्तारी के डर से शंखधर गायब चल रहे है। जनजाति कल्याण विभाग के निदेशक की ओर से उन्हें नोटिस भेजे गए, जिनका विभाग को अब तक कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ हैं। विभाग ने शंखधर के मामले में अग्रिम कार्रवाई के लिए प्रकरण शासन को भेज दिया है।
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साक्ष्यों के आधार पर बनाया आरोपी
एसआईटी ने हरिद्वार जिले में हुए छात्रवृत्ति घोटाले में मिले साक्ष्यों के आधार पर तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर को आरोपी बनाया है। मुकदमे में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा बढ़ने के कारण विवेचना हरिद्वार सीओ सदर आयुष अग्रवाल को देने के साथ ही कानूनी कार्रवाई आरंभ करने से पहले शासन से विभागीय अनुमति मांगी गई थी।