शिरडी में बनाएंगे सुदर्शन चक्र मंदिर, स्थापित होगा ज्योतिर्लिंग: शंकराचार्य
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द्वारिका एवं ज्योर्तिपीठ मठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि शिरडी में साईं की मजार से तो कोई चमत्कार नहीं हो पाया, अब वे शिरडी में सुदर्शन चक्र मंदिर बनाएंगे। वहां पर ज्योर्तिलिंग स्थापित कर पूजा-अर्चना करवाएंगे।
कनखल स्थित अपने मठ में शुक्रवार को पत्रकारों से वार्ता में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि शिरडी में सूखा पड़ने के पीछे साईं की पूजा है। जहां पर शनि और साईं की पूजा होती है वहां पर अनिष्ट होता ही है।
उन्होंने शिरडी में साईं के अभिशाप से जनता को मुक्त कराने के लिए सुदर्शन चक्र मंदिर बनाने की बात कही। उन्होंने बताया कि इसके लिए भूमि की तलाश की जारी है। लेकिन इससे पहले ज्योर्तिलिंग स्थापित कर पूजा पाठ शुरू करवा देंगे। इसकी पूरी कार्ययोजना तैयार हो चुकी है।
जेल गए तो पता चल जाएगा कि धर्म सुरक्षित नहीं
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि शिरड़ी में दर्ज मुकदमे में अपना कोई पक्ष नहीं रखेंगे। यदि धर्म की बात करने पर शंकराचार्य जेल चले जाएंगे तो इससे पता चल जाएगा कि देश में धर्म सुरक्षित नहीं है। उन्होंने अपनी बात पर कायम रहते हुए कहा कि साईं कोई सत्य या भगवान नहीं हैं। साईं आरती में भी लिखा है कि वे मोमिन यानि मुस्लिम वंशी थे।
सपा की भाषा बोल रहे साधु-संत
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश के कैराना से हुए पलायन पर साधु-संतों की ओर से दिए गए (नौकरी की तलाश में घर छोड़े जाने) बयान को हास्यास्पद बताया। कहा कि दिल्ली के साधुओं को यूपी में सुरक्षा और स्थान दिया जाता है। इसी वजह से वह वहां की सरकार की भाषा बोल रहे हैं। जबकि असलियत यह थी कि वहां से पलायन विशेष वर्ग के कारण ही हुआ है।