चाहे गिरफ्तारी देनी पड़े, अदालत की शरण नहीं लूंगाः शंकराचार्य
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साईं को भगवान न मानने पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती पर शिरडी ट्रस्ट की ओर से किए गए मुकदमे पर शंकराचार्य ने कहा है कि चाहे उन्हें गिरफ्तारी देनी पड़े, वह अदालत की शरण नहीं लेंगे।
गुरुवार को शंकराचार्य ने हरिद्वार में मीडिया से कहा कि दुर्भवना के चलते उन पर शिरडी ट्रस्ट द्वारा मुकदमा दर्ज किया गया है। स्वरूपानंद ने कहा कि चाहे उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए, लेकिन वह अदालत में पेश नहीं होंगे।
साईं को भगवान न मानने पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती पर शिरडी (महाराष्ट्र) में शिरडी ट्रस्ट की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं हैदराबाद निवासी एक व्यक्ति की ओर से शंकराचार्य को शास्त्रार्थ के लिए दी चुनौती पर भेजे गए शिष्य को प्रशासन की ओर से रोकने पर शंकराचार्य ने एतराज जताया था।
24 अगस्त 2014 को उज्जैन में हुई थी धर्म संसद
इसके विरोध में बुधवार को उन्होंने अहमदनगर जनपद (महाराष्ट्र) के एसएसपी, शिरडी डिवीजन के एसडीएम, शिरडी ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी को नोटिस भेजा गया है।
इस बाबत बुधवार को शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने बताया था कि 24 अगस्त 2014 को उज्जैन में हुई धर्म संसद में साईं को भगवान न मानने का प्रस्ताव पारित किया गया था।
उस समय धर्म संसद में 13 अखाड़ों के महामंडलेश्वर, चार मठों के शंकराचार्य, काशी विद्या परिषद से जुड़े गणमान्य समेत कई साधु-संत मौजूद थे। लेकिन मुकदमा उनके खिलाफ ही दर्ज किया गया है। ऐसे में उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा दुर्भावना से किया गया है।
Published By : Nirmala Suyal