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शंकराचार्य जयंती: हरिद्वार में फिर होगा धर्म संसद का आयोजन, यति नरसिंहानंद गिरि ने किया एलान

Wed, 23 Feb 2022 07:30 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 23 Feb 2022 07:30 PM IST
सार

महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि ने बताया कि आज हिंदू समाज में सबसे बड़ा संशय इस बात को लेकर है कि संतों की समाज की रक्षा में कोई भूमिका है भी या नहीं। इसी विषय पर धर्म संसद में चर्चा होगी।

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Shankaracharya Jayanti: Dharm sansad will be organized again in haridwar, Yati Narasinghanand Giri announced
महामंडलेश्वर स्वामी यति नरसिंहानंद गिरि - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गजियाबाद के डासना स्थित देवी मंदिर के महंत एवं महामंडलेश्वर स्वामी यति नरसिंहानंद गिरि ने कहा कि हरिद्वार में शंकराचार्य जयंती पर छह से आठ मई तक विशाल धर्म संसद का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धर्माचार्य यह तय करके बता दें कि धर्म की रक्षा करना उनका उत्तरदायित्व है या नहीं।

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तेरह अखाड़ों के प्रमुखों सहित सनातन के प्रमुख धर्मगुरुओं को देंगे निमंत्रण
शिया वक्फ बोर्ड यूपी के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी की रिहाई की प्रतीक्षा में सर्वानंद घाट पर बैठे महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि और स्वामी अमृतानंद ने मुस्लिम धर्मगुरुओं के सबसे बड़े संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद के कथित आतंकवादियों का केस लड़ने की बात दुनिया के हर व्यक्ति तक पहुंचाने का निर्णय लिया है।
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बुधवार को हिमाचल धर्म संसद के मुख्य आयोजक योगी ज्ञान नाथ और यति सत्यदेवानंद भी सर्वानंद घाट पहुंचे। इस दौरान आदि गुरु शंकराचार्य की जयंती पर आयोजित होने वाली धर्म संसद के बारे महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि ने पूरी जानकारी दी। 

उन्होंने कहा कि आज हिंदू समाज में सबसे बड़ा संशय इस बात को लेकर है कि संतों की समाज की रक्षा में कोई भूमिका है भी या नहीं। उन्होंने बताया कि छह से आठ मार्च तक होने वाली धर्म संसद में इस बार का इसी विषय पर मंथन होगा। उन्होंने बताया कि सभी जगद्गुरुओं, तेरह अखाड़ों के प्रमुखों सहित सनातन के प्रमुख धर्मगुरुओं को निमंत्रण दिया जाएगा।  

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