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उत्तराखंड में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करना 'मुश्किल'

Fri, 01 Jul 2016 09:57 AM IST
संजय त्रिपाठी/ अमर उजाला, देहरादून
संजय त्रिपाठी/ अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 01 Jul 2016 09:57 AM IST
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Seventh Pay Commission reommendations tought to apply in uttarakhand
हरीश रावत - फोटो : अमरउजाला

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री-वित्तमंत्री भले ही दावा करें कि राज्य में जल्द ही सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू कर दी जाएगीं, मगर उसके लिए पैसे कहां से आएंगे, उसका ब्लू प्रिंट फिलहाल किसी के पास नहीं है। दरअसल, राज्य में राजस्व प्राप्ति और वेतन-पेंशन के खर्च का अनुपात इस समय खतरनाक मोड़ पर है।

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मुख्यमंत्री हरीश रावत सार्वजनिक तौर पर कई बार कह चुके हैं कि उत्तराखंड शायद देश का अकेला राज्य है, जहां पर तीन चौथाई से ज्यादा खर्चा नॉन प्लान (वेतन और उससे जुड़े खर्च) का है। मौजूदा हालात में वेतन व पेंशन पर सालाना 12 हजार करोड़ से ज्यादा की रकम खर्च होती है, जबकि बीते साल राज्य को दस हजार करोड़ से भी कम की आय हुई है।
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केंद्रीय करों की हिस्सेदारी के रूप में जो हिस्सा उत्तराखंड को मिलता है, वह भी वेतन-पेंशन में ही खप जाता है। राजस्व में साल दर साल होने वाली वृद्धि भी वेतन पर होने वाले खर्च की भरपाई नहीं कर पा रही है। आलम यह है कि राज्य इस समय अपनी तय हैसियत के बराबर के कर्जे भी ले चुका है।
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ऐसे में बड़ा सवाल है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए सरकार क्या तरीका अपनाएगी। ताजा सिफारिशों के हिसाब से हर साल साढ़े तीन हजार करोड़ का अतिरिक्त बंदोबस्त करना होगा, लेकिन इसके लिए कोई तंत्र नहीं है।

ये हैं कुछ खास बातें

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Indira Hridayesh - फोटो : ani

खास बातें
राज्य में 1.55 लाख नियमित व 50 हजार निकाय, बोर्ड व अन्य स्वायत्तशासी संस्थाओं के कर्मचारी हैं। नियमित 1.55 लाख कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग का लाभ देने के लिए ढाई हजार करोड़ रुपये चाहिए। वहीं निगमकर्मियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देना है तो 1200 करोड़ की और दरकार होगी।

मौजूदा समय में वेतन/पेंशन पर हो रहा खर्च
8700 करोड़ वेतन पर सालाना
2652 करोड़ पेंशन पर सालाना
676 करोड़ सेलरी ग्रांट में खर्च (बोर्ड, निकायों आदि के कर्मियों के लिए)
कुल : 12028 करोड़

राज्य में राजस्व प्राप्ति की स्थिति (धनराशि करोड़ में)
विभाग --------- 2014-15 - 2015-16 (लक्ष्य)
स्टांप शुल्क - 708 - 777
सेल्स टैक्स - 5459 - 6210
आबकारी - 1518 - 1800
वाहन कर - 36 - 43
वन विभाग - 342 - 416
खनन/चुगान - 301 - 501
ऊर्जा - 122 - 143
अन्य - 250 - 400
कुल - 8736 करोड़ - 10290

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को केंद्र के राज्य में मौजूद पदों के हिसाब से लागू करना होगा। अभी केंद्र सरकार से प्रारूप का इंतजार है। इसे देखने के बाद राज्य में लागू किया जाएगा। इस मद में कितना भार बढ़ेगा, इसका गुणा-भाग अभी नहीं किया जा सकता। वैसे भी सब कुछ लागू करने में तीन-चार महीने लग जाएंगे। 
- इंदिरा हृदयेश, वित्त मंत्री

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