जांच में सामने आई देश की सबसे बड़ी अकादमी की सुरक्षा में दरार
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लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में रूबी चौधरी के फर्जी तरीके से प्रशिक्षु आईएएस की ट्रेनिंग लेने के मामले में एसआईटी ने मंगलवार को रूबी चौधरी के खिलाफ चार्जशीट लगा दी है।
एसएसपी के माध्यम से यह चार्जशीट एक-दो दिन में कोर्ट में दाखिल होगी। रूबी चौधरी को ही पूरे मामले में दोषी पाया गया है, जबकि अकादमी प्रशासन को लापरवाही का जिम्मेदार ठहराया गया है। रूबी ने अकादमी प्रशासन पर जो भी आरोप लगाए हैं, वह सब जांच में खारिज हो गए।
एलबीएस अकादमी की सुरक्षा में बड़ी सेंधमारी हुई थी। रूबी चौधरी छह माह तक फर्जी तरीके से प्रशिक्षु आईएएस के रूप में ट्रेनिंग लेती रही। बाकायदा राष्ट्रपति के ग्रुप फोटो में रूबी खुद को शामिल करने में कामयाब हो गई थी।
सनसनीखेज खुलासे के बाद 31 मार्च को मसूरी कोतवाली में रूबी चौधरी के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया गया। दो अप्रैल को गिरफ्तारी के साथ रूबी चौधरी ने अकादमी के डिप्टी डायरेक्टर सौरभ जैन पर नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
आईएएस की फर्जी ट्रेनिंग पर रूबी के खिलाफ चार्जशीट
यही नहीं दो केंद्रीय मंत्रियों के नाम भी इस मामले में उछले थे, लेकिन विवेचना में उनकी किसी तरह की भूमिका सामने नहीं आई है। हाई प्रोफाइल इस प्रकरण में राष्ट्रीय स्तर पर अकादमी की छवि धूमिल हुई थी।
पहले दिन से विवेचना सीबीआई से कराने की मांग उठ रही थी। लेकिन उत्तराखंड शासन ने इसे खारिज कर दिया था। डीजीपी बीएस सिद्धू द्वारा गठित की गई एसआईटी द्वारा इस मामले की जांच की गई। आईपीएसी सदानंद दाते के नेतृत्व वाली एसआईटी ने मंगलवार को विवेचना पूरी कर आरोप पत्र तैयार कर लिया।
मसूरी से जुड़ा मामला होने के कारण चार्जशीट फिलहाल एसएसपी देहरादून को भेजी गई, जहां से चार्जशीट कोर्ट जाएगी। विवेचना में अकादमी के दो गेटों से जुड़े आईटीबीपी के जवानों के अलावा गार्ड देव सिंह, लाइब्रेरी, फोटो सेक्शन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को लापरवाही का दोषी माना गया है। हालांकि अधिकारिक तौर पर कोई अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहा है।
एलबीएस में फर्जी घुसपैठ प्रकरण में अब तक क्या
29 मार्च-एलबीएस अकादमी से रूबी को सामान समेत किया बेदखल
31 मार्च-सुरक्षा अधिकारी प्रेम सिंह की तरफ से रूबी के खिलाफ मुकदमा
एक अप्रैल-मसूरी इंस्पेक्टर एससी भंडारी लाइन हाजिर, चंदन सिंह बिष्ट नए इंस्पेक्टर, जांच सीओ को सौंपी, राष्ट्रपति केसाथ ग्रुप फोटो का खुलासा।
दो अप्रैल-रूबी चौधरी ने मीडिया के सामने आकर डिप्टी डायरेक्टर सौरभ जैन पर लगाए आरोप। डीजीपी ने जांच के लिए गठित की एसआईटी। रात में रूबी ने 15 पन्ने के दर्ज कराए बयान।
तीन अप्रैल-पुलिस ने रात में रूबी चौधरी को गिरफ्तार कर राजपुर थाने में की पूछताछ।
चार अप्रैल-कोर्ट में पेशी के दौरान रूबी ने फर्जी आईडी कार्ड पर अकादमी में रहने की बात कबूली।
पांच अप्रैल-एसआईटी टीम ने गार्ड देव सिंह से की पूछताछ।
छह अप्रैल-रूबी ने कोर्ट में पेशी केदौरान किया खुलासा। सौरभ जैन ने बनवाई वर्दी और आईडी कार्ड।
सात अप्रैल-रूबी को रिमांड पर लेकर मेरठ में नंदोई के घर की तलाशी। वर्दी और दूसरे कागजात बरामद।
आठ अप्रैल-रिमांड के दूसरे दिन नैनीताल ले जाकर की गई पूछताछ।
नौ अप्रैल-रूबी की तबीयत खराब होने पर दून अस्पताल में कराया गया भर्ती।
10 अप्रैल-रूबी को मसूरी ले जाकर वर्दी का कपड़ा बेचने वाले दुकानदार और टेलर से कराई पहचान। देर रात रूबी को जेल में किया गया दाखिल।
13 अप्रैल-एसआईटी जांच में हुआ खुलासा। केंद्रीय राज्य मंत्री द्वारा प्रयुक्त की जाने वाली कार से पहली बार अकादमी आई थी रूबी।
14-अप्रैल-डिप्टी डायरेक्टर सौरभ जैन से आरोपों को लेकर कई घंटे हुई बातचीत।
15 अप्रैल-रूबी चौधरी ने 164 के तहत कोर्ट में दर्ज कराए बयान।
16 अप्रैल-एसआईटी ने अकादमी पहुंचकर अधिकारियों और कर्मचारियों से की पूछताछ।
27 अप्रैल-विवेचक एएसपी शाहजहां अंसारी तबीयत बिगड़ने के कारण गई छुट्टी।
30 अप्रैल-एएसपी ममता बोरा को सौंपी गई इस मामले की विवेचना।
छह मई-डीजीपी ने एलबीएस अकादमी प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति की।
15 मई-शासन ने पुलिस मुख्यालय द्वारा सीबीआई जांच कराने के प्रस्ताव को कर दिया अस्वीकार। एसआईटी से जांच कराने के आदेश।
17 मई-43 दिन जेल में रहने के बाद रूबी चौधरी की जेल से हुई रिहाई।
जून-आईपीएस सदानंद दाते को सौंपी गई एसआईटी की कमान
एक सितंबर-एसआईटी ने विवेचना पूरी कर लगाई चार्जशीट।
हैड राइटिंग जांच को देंगे चुनौती
रूबी चौधरी के अधिवक्ता अरुण खन्ना का कहना है कि पत्र की हैड राइटिंग को लेकर हुई रिपोर्ट को लेकर वह संतुष्ट नहीं है। वह कोर्ट में इस रिपोर्ट को चुनौती देकर किसी अन्य राज्य से जांच कराने का अनुरोध करेंगे। बता दे कि रूबी ने पत्र पर सौरभ जैन की हैड राइटिंग होने का दावा किया था। जांच में यह आरोप भी निराधार पाया गया है।